उत्तर प्रदेश (मानवीय सोच) आयुष कॉलजों में स्नातक कोर्स में दाखिले के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग सात जनवरी से होगी। वहीं, पीजी की काउंसिलिंग पांच जनवरी से शुरू होगी। आयुर्वेदिक कॉलेजों में बीएएमएस, होम्योपैथिक कॉलेजों में बीएचएमएस और यूनानी कॉलेजों में बीयूएमएस की काउंसिलिंग राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) कराएगा। सात जनवरी से 11 तक पंजीयन होंगे फिर सिक्योरिटी राशि जमा होगी। 14 को राज्य स्तरीय मेरिट जारी होगी। 15 व 16 को कॉलेज विकल्प भरे जाएंगे और 17 को सीट आवंटन होगा। 18 से 21 तक नोडल सेंटरों पर मूल अभिलेखों का सत्यापन होगा। 24 को आवंटन पत्र जारी होंगे और इसी दिन सीट अपग्रेडेशन के आवेदन होंगे। 25 को परिणाम जारी होने के बाद 27 तक सभी को दाखिला लेना होगा। काउंसिलिंग प्रक्रिया होम्योपैथिक निदेशक प्रो. अरविंद कुमार वर्मा की देखरेख में होगी।
कहां कितनी हैं सीटें
आठ राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में बीएएमएस की 502 हैं। निजी कॉलेजों में 5010 सीटें थी, मानक पूरे नहीं होने से अभी तक सिर्फ 3400 सीटों पर दाखिले होंगे। होम्योपैथिक के नौ राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 826 और दो निजी कॉलेजों में दो सौ सीटें हैं। दो राजकीय यूनानी कॉलेज में 128 और निजी क्षेत्र के 18 कॉलेजों में 670 सीटों हैं।
सत्यापन की बहुस्तरीय व्यवस्था
पिछले सत्र में दाखिले के दौरान हुई हेराफेरी की वजह से तत्कालीन काउंसिलिंग प्रभारी व आयुर्वेदिक निदेशक प्रो. एसएन सिंह को जेल जाना पड़ा। मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। इस वजह से इस बार जिम्मेदारी एनआईसी को दी गई है। यही एमबीबीएस की काउंसिलिंग कराती है। इसी तरह प्रमाण पत्रों के सत्यापन की बहुस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। अभ्यर्थियों के आधार कार्ड से ऑनलाइन सत्यापन होगा। एनआईसी की ओर से श्रीट्रान इंडिया सत्यापन करेगी। इसके बाद नोडल सेंटरों पर सत्यापन होगा। फिर कॉलेज पहुंचने पर टीम भी सत्यापन करेगी। दाखिले के लिए जारी पत्र का सत्यापन करने के बाद दाखिला होगा।
काउंसिलिंग के लिए बनी कमेटी
काउंसिलिंग के लिए बनी कमेटी में आयुष विभाग के विशेष सचिव सुखलाल भारती अध्यक्ष एवं होम्योपैथिक निदेशक प्रो. अरविंद कुमार वर्मा सचिव बनाए गए हैं। आयुर्वेद प्रतिनिधि के रूप में राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज झांसी के प्रधानाचार्य प्रो. रवि प्रकाश और यूनानी निदेशालय एवं दो निजी कॉलेजों के प्रतिनिधि भी कमेटी में शामिल हैं। वहीं, पीजी काउंसिलिंग के लिए विशेष सचिव सुखलाल भारती को अध्यक्ष और आयुर्वेद निदेशक प्रो. पीसी सक्सेना को कमेटी का सचिव बनाया गया है। तीनों विधाओं के प्रतिनिधियों एवं निजी कॉलेज के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे।
