लखनऊ (मानवीय सोच) अप्रैल से गाय और कुत्ता पालना महंगा हो जाएगा। एक व्यक्ति लाइसेंस लेकर अधिकतम दो कुत्ते ही पाल सकेगा। खास बात है कि ये लाइसेंस चिप वाले होंगे। वहीं,पालतू पशुओं के लिए क्लीनिक, ब्रीडिंग सेंटर व पेट्स स्टोर चलाने के लिए भी नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य हो जाएगा। यह व्यवस्था पहली बार लागू होगी। इनके लिए भी अप्रैल से लाइसेंस बनाए जाएंगे। नगर निगम सदन में लिए गए निर्णयों पर अमल के लिए महापौर संयुक्ता भाटिया ने कार्रवाई रिपोर्ट जारी कर दी है। विभागीय स्तर पर निर्णयों को लागू करने के लिए नगर आयुक्त की ओर से आदेश इसी सप्ताह जारी कर दिया जाएगा।
नगर निगम सदन की 17 नवंबर को हुई बैठक में गाय पालने के लिए लाइसेंस शुल्क 30 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने को मंजूरी दी गई थी। इसी तरह विदेशी नस्ल के कुत्तों का लाइसेंस शुल्क पांच सौ रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये किया गया था। सदन ने देशी नस्ल के कुत्तों का लाइसेंस शुल्क यथावत दो सौ रुपये सालाना रखा था। वहीं, सदन ने एक व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा दो कुत्ते पालने का ही लाइसेंस दिए जाने की मंजूरी दी थी। इसको लेकर यह तर्क दिया गया था कि एक घर में अधिक कुत्ते होने से आसपास वालों को परेशानी होती है। कुत्तों का लाइसेंस चिप वाला होने से उन्हें ट्रैक करना आसान होगा। ये चिप चावल के दाने के बराबर होंगे। चिप में कुत्ते की नस्ल, मालिक का ब्योरा होगा। ये चिप कुत्ते की त्वचा पर लगाए जाएंगे।
