वाराणसी (मानवीय सोच) सावन के तीसरे सोमवार पर वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में कांवरियों और आम भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। हर तरफ बम बम गूंज रहा है। पिछली बार जहां रात दस बजे तक पांच लाख भक्तों ने दर्शन किया था। इस बार शाम छह बजे ही यह संख्या पहुंचती दिखाई दी है। भारी भीड़ के कारण वाराणसी के मुख्य घाट दशाश्वमेध पर स्नान पर रोक लगा दी गई है।
काशी विश्वनाथ मंदिर में पहले दो सोमवार की अपेक्षा अधिक भक्तों का आगमन हुआ है। दोपहर तीन बजे तक ही साढ़े चार लाख श्रद्धालु काशी विश्वनाथ के दरबार में पहुंच चुके थे। सुबह नौ बजे तक करीब डेढ़ लाख लोग दर्शन कर चुके थे।
मौसम में बदलाव को भी भारी भीड़ का कारण माना जा रहा है। पहले दो सोमवार धूप और गर्मी ने कदम रोके थे। अब रुक रुक कर हो रही बारिश का क्रम आधीरात से ही जारी है। कभी हल्की फुहार तो कभी तेज बूंदाबांदी के बीच भक्तगण बाबा के नाम का जयघोष करते दरबार की ओर बढ़ते रहे। गंगाद्वार की ओर से मंदिर में प्रवेश बंद कर दिए जाने के कारण भीड़ का पूरा दबाव सड़क पर दिखाई दे रहा है।
कोतवालपुरा से लगी कतार बांसफाटक, गोदौलिया, दशाश्वमेध से वापस लौट कर गिरजाघर तक पहुंच गई थी। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण दूसरे सोमवार से ही गंगाद्वार का मार्ग कांवरियों सहित सभी दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया गया है। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण दशाश्वमेध घाट पर कांवरियों को स्नान करने से रोक दिया गया। सभी कांवरियों को गंगा स्नान के लिए अस्सी घाट भेजा जा रहा है।
