मुर्दे भी करेंगे मतदान, यकीं नहीं तो वोटर लिस्ट देखिए

बागपत (मानवीय सोच) मतदाता सूची को कई चरणों में दुरुस्त करने का दावा करने वाले प्रशासन की पोल खुल गई है। इसमें बीएलओ की घोर लापरवाही भी उजागर हुई है। आलम यह है कि जिन लोगों की कई साल पहले मौत हो चुकी है, उन्हें मतदाता पर्ची में जिंदा दर्शा रखा है, जबकि जो लोग जीवित हैं, उनका मतदाता पर्चियों से नाम तक गायब है। ऐसे में लापरवाही के कारण लगभग 2000 से अधिक जीवित युवा अपने मत का प्रयोग करने से वंचित रह जाएंगे। 

मामला तब उजागर हुआ, जब बीएलओ द्वारा लोगों के घरों में मतदाता पर्चियां उपलब्ध कराई गईं। इसे लेकर लोग अब तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है। इसको लेकर लोगों में रोष पनपता जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष एक नवंबर से मतदाता पुनरीक्षण का कार्य शुरू हुआ था, जो सात नवंबर तक चला। इसके बाद 12 नवंबर से 17 नवंबर तक आपत्ति/दावे दर्ज किए गए थे। बाद में 18 नवंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया था। हालांकि बाद में भी राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने ओर घटाने का काम किया गया था

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