सहारनपुर (मानवीय सोच) जमीयत उलेमा-ए-हिंद (M) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के नेतृत्व में 16 मुस्लिम धर्म गुरुओं का डेलिगेशन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिला। मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भाजपा नेताओं की हेट स्पीच, इस्लामोफोबिया, सांप्रदायिक हिंसा और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं पर ठोस कदम उठाने की मांग की।
‘शिक्षा, सुरक्षा और प्रशिक्षण पर हम सहयोग करेंगे’
मुस्लिम धर्म गुरुओं ने कहा,’मदरसों की व्यवस्था में हमें सरकारी हस्तक्षेप बिल्कुल स्वीकार नहीं है। उनकी स्वतंत्रता संविधान में मिला हमारा मौलिक अधिकार है। हम इस पर कोई समझौता करने को तैयार नहीं हैं। लेकिन इसी के साथ छात्रों की सुरक्षा, उनकी शिक्षा और प्रशिक्षण के संबंध में किए जाने वाले हर उपाय के लिए हम तैयार हैं। दीनी मदरसों के बारे में असम के मुख्यमंत्री का बयान निंदनीय और दिल दुखाने वाला है।’
‘इस्लामोफोबिया बढ़ रहा है’
मुस्लिम धर्म गुरुओं ने कहा,’देश के अलग-अलग राज्यों में सड़कों पर जिस प्रकार बलवा मचाया जा रहा है, वह अफसोसजनक है। जिस धरती पर हमें विकास और एकता का प्रदर्शन करना चाहिए। उस धरती पर आज धार्मिक नारों, नफरती धमकियों और एक दूसरे पर हमलों के दृश्य देखने को मिल रहे हैं।
