लखनऊ : (मानवीय सोच) जन्म के बाद लेबर रूम में ही शिशु का मंत्र एप पर डाटा फीड करें। इसमें किसी भी तरह की कोताही न बरतें। डाटा रियल टाइम होने से आगे की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। यह निर्देश शनिवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए।
अधिकारियों को दिये निर्देश
प्रदेश के सभी सीएमओ और महिला अस्पताल के सीएमएस मंत्र एप पर शिशुओं का रियल टाइम डाटा फीड कराना सुनिश्चित कराएं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि नवजात ट्रेकिंग अप्लीकेशन मंत्र एप शिशु मृत्युदर के आंकड़ों में कमी लाने में सहायक साबित होगा। शिशुओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी रणनीति बनानी भी आसान होगी।
25814 स्वास्थ्य इकाइयों में चल रही व्यवस्था
प्रदेश में राजकीय चिकित्सा स्वास्थ्य इकाइयों पर होने वाले प्रसव सम्बन्धी सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा लेबर रूम रजिस्ट्रेशन को डिजीटाईज कर समस्त डाटा रियल टाइम में उपलब्ध कराने हेतु मंत्र एप विकसित किया गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि मौजूदा समय में 25814 राजकीय स्वास्थ्य इकाइयों में मंत्र पर डाटा फीड किया जा रहा है। इस एप पर 15 मई 2023 तक 2686675 संस्थागत प्रसवों का पंजीकरण किया जा चुका है।
