उमेश पाल हत्याकांड में डिप्टी सीएम पाठक का बयान ; ऐसी सजा देंगे कि आने वाली पीढ़ियां भी रखेंगी याद

प्रयागराज  (मानवीय सोच)  उमेश पाल हत्याकांड में शामिल अपराधियों को ऐसी सजा देंगे कि आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। हमारी सरकार प्रतिबद्ध है कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा देंगे। प्रयागराज की घटना दुखद है। यह बयान है उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का। वाराणसी में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उमेश पाल हत्याकांड  की जांच की जा रही है।

जांच पूरी होने के बाद आने वाले दिनों में आप देखेंगे कि आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। अपराधियों को ऐसी कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।  मामले को हम लोग फास्टट्रैक कोर्ट में लेकर जाएंगे। जल्द से जल्द कोर्ट से अपराधियों को सजा दिलाएंगे। एक सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है।

पूर्व की सरकारों पर साधा निशाना

पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले दुकान पर कब्जा, मकान और प्लॉट पर कब्जा, बहू-बेटी की इज्जत खतरे में कुल मिलाकर  प्रदेश में अव्यवस्था का माहौल था। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी थी। वहीं आज माहौल बदल चुका है। डबल इंजन की सरकार में आर्थिक मोर्चे पर यूपी नंबर एक बनने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में सर्वाधिक सड़क वाला राज्य यूपी है। बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि हर क्षेत्रों में काफी ज्यादा सुधार हुआ है। 

डिप्टी सीएम ने छह जन औषधि केंद्रों का किया उद्घाटन

जिले के सरकारी अस्पतालों की तरह अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी जन औषधि केंद्र खुल गए हैं। इसके बाद मरीजों को बाहर दवाई लेने नही जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ही वह सस्ते दाम पर औषधि केंद्र से दवाइयां ले सकेंगे। वाराणसी पहुंचे उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने दीनदयाल अस्पताल परिसर से ही जन औषधि केंद्रों का उदघाटन करेंगे।

इससे पहले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सोमवार दोपहर बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे। पंडित दीनदयाल जिला चिकित्सालय में जन औषधि केंद्रों का उद्घाटन कर बड़ा लालपुर रवाना हुए। यहां दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित आयुर्योग एक्सपो में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। 

 

सात और स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र खुलेंगे

अस्पतालों में आने वाले मरीजों को किफायती दाम पर जरूरी दवाइयां मिल सकें, इसके लिए जन औषधि केंद्र का संचालन किया जा रहा है। ओपीडी और वार्ड में भर्ती मरीजों को जो दवाइयां अस्पताल में नहीं मिल पाती हैं, वे जन औषधि केंद्रों से लेनी पड़ती हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य केंद्रों पर भी केंद्रों के संचालन का निर्णय लिया गया है। पहले चरण में ग्रामीण इलाकों में छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्रों का उद्घाटन हुआ।  सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि सात और स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र खोले जाने हैं।

 

इन जगहों पर मिलेगी जन औषधि केंद्र की सेवाएं

  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाथी बाजार
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आराजीलाइन
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगापुर
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव

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