लखनऊ: (मानवीय सोच) कानपुर के बिकरू कांड के बाद निलंबित डीआईजी अनंत देव और गाजियाबाद के एसएसपी रहते सस्पेंड हुए आईपीएस पवन कुमार को यूपी सरकार ने बहाल कर दिया है। हालांकि अभी दोनों को प्रतीक्षारत रखा गया है। उनकी विभागीय जांच जारी रहेगी। अनंत देव बिकरू कांड के बाद कुछ फोटो और ऑडियो से विवादों में घिरे थे। जबकि पवन गाजियाबाद में लूट के बाद क्राइम कंट्रोल में लापरवाही के आरोप में निलंबित किए गए थे।
आईपीएस अनंत देव को उत्तर प्रदेश सरकार ने नवंबर 2020 में बिकरू कांड की जांच रिपोर्ट आने के बाद निलंबित कर दिया था। इस दौरान वह डीआईजी पीएसी मुरादाबाद के पद पर तैनात थे। यूपी के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अफसर के रूप में पहचाने जाने वाले अनंत देव बिकरू कांड के बाद कुछ फोटो और वॉयरल ऑडियो के चलते विवादों में घिर गए थे। अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद अनंत देव को निलंबित कर दिया गया था। करीब एक साल 10 महीने के बाद उनकी बहाली हुई है।
वहीं साफ छवि के अफसर पवन कुमार को विधानसभा चुनावों के बाद गाजियाबाद में हुई लूट की वारदात के बाद क्राइम कंट्रोल में लापरवाही के आरोप में एक अप्रैल 2022 को निलंबित कर दिया गया था। निलंबन से कुछ माह पहले ही वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे थे। लौटने के बाद सरकार ने पहले उन्हें मुरादाबाद और फिर करीब तीन माह बाद गाजियाबाद का एसएसपी बनाया था।
साढ़े तीन साल से निलंबित हैं जसबीर सिंह
वहीं एडीजी जसबीर सिंह के निलंबन को करीब साढ़े तीन साल होने जा रहे हैं। सरकार ने उन्हें एक मीडिया संस्थान को दिए गए इंटरव्यू के बाद 14 फरवरी 2019 में निलंबित कर दिया था। तब से उनकी बहाली नहीं हुई है। वहीं वर्ष 2008 बैच की अलंकृता सिंह भी 27 अप्रैल 2022 से निलंबित चल रही हैं। उन पर बिना जानकारी दिए और छुट्टी लिए विदेश जाने का आरोप है। क्रैशर व्यापारी की मौत के जिम्मेदार आईपीएस मणिलाल पाटीदार नौ सितंबर 2020 से निलंबित और फरार चल रहे हैं। उन पर एक लाख का इनाम है। सरकार उनकी बर्खास्तगी के लिए केंद्र को पत्र भी लिख चुकी है। लेकिन अभी कार्रवाई नहीं हुई है।
ये भी हैं वेटिंग में
एडीजी डीके ठाकुर, एडीजी विजय सिंह मीणा, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे आईजी अजय मिश्रा भी वेटिंग में हैं।
