लखनऊ (मानवीय सोच) ग्राम पंचायतों के बिजली बिल का बकाया पावर कॉर्पोरेशन के लिए नई चुनौती बन गया है। 1479.54 करोड़ रुपये बकाये का जल्द भुगतान न हुआ तो केंद्र से कॉर्पोरेशन को मिलने वाली सहायता रुक सकती है। इस प्रकरण को जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखकर समाधान की तैयारी है।
ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायत भवनों, सामुदायिक केंद्रों, सामुदायिक शौचालयों, ग्रामीण स्ट्रीट लाइट व पेयजल कनेक्शन के बिजली बिल का भुगतान ग्राम पंचायतों के स्तर से होना है।
तमाम प्रयास के बावजूद ग्राम पंचायतों से बकाया भुगतान न के बराबर है। बढ़ते-बढ़ते बकाया 1479.54 करोड़ पहुंच गया है। बिजली कनेक्शन के सत्यापन का भी काम चल रहा है। सत्यापन के बाद बकाया राशि और बढ़ने की संभावना है।
