हेमंत सोरेन की सदस्यता से खत्म करें सस्पेंस, राज्यपाल को UPA विधायकों का लेटर

रांची (मानवीय सोच) हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता खत्म होगी या बरकरार रहेगी? झारखंड में सत्ताधारी महागठबंधन के विधायकों ने राज्यपाल को लेटर लिखकर यह सस्पेंस खत्म करने की मांग की है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 10 वरिष्ठ नेता और विधायक गुरुवार को राज्यपाल से मिले और उन्हें लेटर सौंपा। मुलाकात के दौरान नेताओं ने राज्यपाल से कहा कि राजभवन से जानबूझ कर जानकारी लीक किए जाने की वजह से राजनीतिक अस्थिरता आ रही है।

विधायकों ने राज्यपाल से कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अयोग्यता की खबरें कई राष्ट्रीय और लोकल न्यूज चैनल चला रहे हैं। खबरों से कई तरह की अफवाह फैलाई जा रही है। विधायकों ने राज्यपाल से कहा कि यह संसपेंस अब खत्म करना जरूरी है। विधायकों ने राज्यपाल से चुनाव आयोग से आई लेटर का खुलासा करने का भी अनुरोध किया।

झारखंड में राजनीतिक संकट गहराया हुआ है। भाजपा ने एक याचिका दायर कर मुख्यमंत्री और झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन को लाभ के पद के मामले में विधानसभा से अयोग्य ठहराने की मांग की थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने 25 अगस्त को अपना फैसला भेजा था। इसके बाद से ही राज्य में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है।

राज्यपाल ऑफिस से अब तक इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई है। चुनाव आयोग के फैसले को अब तक राज्यपाल ने सार्वजनिक नहीं किया है। बावजूद इसके यह खबर कई जगह पर दिखाई और बताई जा रही है कि चुनाव आयोग ने खनन पट्टा मामले में एक विधायक के रूप में मुख्यमंत्री की अयोग्यता की सिफारिश की है। इन सभी अफवाहों के कारण राज्य में अस्थिरता बनी हुई है। इसी मामले को लेकर सत्तारूढ़ विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा।

 

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