उत्तर प्रदेश (मानवीय सोच) एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) में 48 अभियन्ता और 3 राजस्व अधिकारी नियमों के विपरीत प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत है। इतना ही नहीं सेवानिवृत्त अधिकारियों से महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य कराया जा रहा है। संविदा कर्मियों को निर्धारित मानदेय से अतिरिक्त नियम विरुद्ध मानदेय का भुगतान किया जा रहा है।
नंदी के निजी सचिव प्रहलाद पटेल ने मंत्री की ओर से लिखे गए पत्र में खुलासा किया है कि यूपीडा में 48 अभियन्ता और 3 राजस्व अधिकारी प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद भी लगातार कार्य कर रहे हैं। यूपीडा की ओर से प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित अन्य संस्थाओं से इंजीनियर प्रतिनियुक्ति पर लेने का प्रयास नहीं किया गया।
उन्होंने यूपीडा के अधिष्ठान संबंधी संवेदनशील कार्य में तैनात सेवानिवृत्त अधिकारी को हटाकर डिप्टी कलेक्टर या प्रशासनिक अधिकारी को तैनात करने की संस्तुति की है। उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय और लखनऊ खंडपीठ में पैरवी के लिए नियुक्त अधिवक्ता महेश चंद्र चतुर्वेदी को प्रति केस 1,75,000 और एसबी पांडेय को 1,50,000 रुपये के भुगतान को भी औचित्यपूर्ण नहीं माना है।
