लखनऊ : (मानवीय सोच) नर्सिंग कॉलेजों में दाखिले में फर्जीवाड़ा सामने आया है। कई निजी कॉलेजों में मनमाने तरीके से नियम विरुद्ध दाखिला दे दिया गया है। करीब 110 ऐसे छात्रों को भी दाखिला दे दिया गया है, जिन्होंने संयुक्त प्रवेश परीक्षा दी ही नहीं है। मामले में जांच शुरू हो गई है। सभी नर्सिंग कॉलेजों से दाखिला लेने वाले छात्रों का नए सिरे से ब्योरा मांगा गया है। ऐसे कॉलेजों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी है। डीजीएमई कार्यालय के भी कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
प्रदेश में करीब तीन सौ नर्सिंग कॉलेजों में करीब 13 हजार सीटें हैं। इसमें 24 सरकारी नर्सिंग कॉलेज हैं। पहले निजी नर्सिंग कॉलेज इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्रों को अपने स्तर से दाखिला देते थे। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2022-23 में बीएससी नर्सिंग के लिए केंद्रीयकृत व्यवस्था बनाई गई। एसजीपीजीआई को छोड़ कर अन्य सभी सरकारी एंव निजी कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग में दाखिले के लिए अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय ने केजीएमयू के सहयोग से संयुक्त लिखित प्रवेश परीक्षा कराई।
