जयपुर (मानवीय सोच) राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के दोनों मास्टरमाइंड भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका फरार हैं. पुलिस इन दोनों पेपर माफियाओं तक तो 15 दिन में नहीं पहुंच पाई, लेकिन अब इनके घर पर बुलडोजर चलाए जाएंगे. जेडीए ने अतिक्रमण बताकर एक पेपर माफिया के घर को 48 घंटे में गिराने का नोटिस चस्पा कर दिया है. हालांकि सोमवार को जयपुर में संचालित अधिगम कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग पर बुलडोजर चला चला गया दिया था लेकिन दोनों पेपर माफिया इस बिल्डिंग में किराए से कोचिंग चला रहे थे. इस बिल्डिंग का मालिक कोई और था.
पेपर माफियाओं पर कार्रवाई के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण की टीम मंगलवार को जयपुर के अजमेर रोड पहुंची. वहां की पॉश कोलोनी रजनी विहार में बने पेपर माफिया भूपेंद्र सारण के घर की पैमाईश कर इसे अवैध बताते हुए तोड़ने का नोटिस चस्पा कर दिया. नोटिस में 48 घंटे में खुद नहीं तोड़ने पर जेडीए ने तोड़ने की चेतावनी दे दी. जेडीए का कहना है कि इस घर में बिना इजाजत के दो मंजिल बना ली गई. सैटबक तक नहीं छोड़ा गया. इसलिए इसे तोड़ा जाएगा. कुछ दिन पहले ही सारण के इसी घर पर पुलिस ने छापेमारी कर करीब 12 बोरों में देश की कई यूनिर्विसिटी की जाली डिग्रियां भी बरामद की थी. पुलिस ने सारण की पत्नी और गर्लफ्रेंड को भी गिरफ्तार किया था.
कोचिंग की बिल्डिंग किसी दूसरे शख्स की थी
सैंकेड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के मास्टर माइंड सुरेश ढाका और भूपेंद्र सारण जयपुर में जिस अधिगम कोचिंग सेंटर का संचालन कर रहे थे जेडीए ने सोमवार को उसे बुलडोजर से ढहा दिया. लेकिन उस बिल्डिंग का मालिक अनिल अग्रवाल नामक एक दूसरा शख्स था न कि दोनों पेपर माफिया. जेडीए ने सफाई दी कि बिल्डिंग अवैध थी. हालांकि हटाने की वजह नकल माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को ही बताया जा रहा है. लेकिन इस कार्रवाई के बाद गहलोत सरकार को छात्रों और विपक्ष ने पेपर माफियाओं की प्रोपर्टी पर कार्रवाई न करने पर घेर लिया. जेडीए की टीम मंगलवार को इन पेपर माफियाओं के चार मंजिला बिल्डिंग पर एक साथ पहुंची. पैमाईश की और दस्तावेज चैक कर उन्हें तोड़ने का नोटिस थमा दिया. जेडीए के प्रवर्तन अधिकारी रघुवाीर सैनी ने कहा कि तोड़ने का मकसद नकल मफियाओं के खिलाफ कार्रवाई है न कि सिर्फ अवैध निर्माण.
गहलोत ने किया था बुलडोजर कार्रवाई का विरोध
यूपी में जब दंगाइयों के घरों पर योगी सरकार ने बुलडोजर चलाया था तब विरोध करने वालों में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सबसे आगे थे. गहलोत ने तब कहा था कि किसी के घर तोड़ने का अधिकार सरकार को नहीं है. अगर अवैध है तब भी अदालत तय करे. लेकिन राजस्थान में एक के बाद एक लगातार हो रहे परीक्षाओं के पेपर लीक और इन पेपर माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई न करने से गहलोत सरकार के खिलाफ छात्रों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है. चुनावी साल में छात्रों की इस नाराजगी को दूर करने के लिए अब गहलोत सरकार भी योगी स्टाइल में बुलडोजर का इस्तेमाल कर रही है. इस भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के बाद 6 पेपर माफियाओं समेत 55 को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन मास्टरमाइंड फरार हैं. परीक्षा रद्द न करने से भी छात्र नाराज हैं.
