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राज्यपाल ने कहा, विद्यार्थियों को स्टार्टअप के माध्यम से स्वरोजगार के लिए प्रेरित करें

लखनऊ  (मानवीय सोच)  स्टार्टअप के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षिक आदान-प्रदान के सार्थक प्रयास किए जाएं। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं में भी शोध कार्य किए जाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने मंगलवार को राजभवन में 15 देशों में तैनात भारतीय राजदूतों व उच्चायुक्तों तथा राज्य विश्वविद्यालयों के 11 कुलपतियों के साथ बैठक के दौरान यह बात कही।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय का दायित्व है कि केजी से पीजी तक शैक्षणिक वातावरण बनाएं तथा विश्वविद्यालय परिसर से निकलकर गांव, गरीब व किसान तक विद्यार्थियों के माध्यम से पहुंचकर उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि जब नैक के लिए मूल्यांकन होता है तो वहां शोध कार्य अंग्रेजी में ही मान्य होता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। क्षेत्रीय भाषाओं में भी शोध कार्य करने के प्रयास किए जाने चाहिए। किसानों की समस्याओं पर भी शोध और उनके निराकरण पर गहनता से विचार किया जाना चाहिए।

राज्यपाल सभी राजदूतों-उच्चायुक्तों तथा विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से अपील की कि देशों के बीच शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के लिए रिसर्च पब्लिकेशन, भाषायी शिक्षा, रिसर्च का आदान-प्रदान, विद्यार्थियों का आदान-प्रदान, छात्रों तथा फैकल्टी का आदान-प्रदान जैसे विषयों पर  विचार-विमर्श कर अपनेे देश की मांग के अनुसार इन क्षेत्रों में आगे बढ़ें। इस मौके पर विभिन्न देशों के राजदूतों ने अपने-अपने देश की शैक्षिक जरूरतों और विशेषताओं के बारे में विचार साझा किये। कुलपतियों ने विश्वविद्यालयों में शैक्षिक उन्नयन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। राज्यपाल ने राजदूतों-उच्चायुक्तों को ओडीओपी उत्पाद भेंट किए।

यूपी में निवेश बढ़ाने में भूमिका निभाएं राजदूत : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने कहा कि विदेशों में तैनात भारतीय राजदूत और उच्चायुक्त यूपी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में निवेश बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। राजदूत और उच्चायुक्त उनके संबंधित देश में यूपी सरकार की निवेश नीतियों को प्रोत्साहित करेंगे तो यूपी में निवेश आएगा इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर होगा। मुख्य सचिव ने मंगलवार को 15 देशों में तैनात भारतीय राजदूतों और उच्चायुक्त से मुलाकात की।

उन्होंने कहा कि यूपी में 10-12 फरवरी को आईजीएस आयोजित किया जाएगा। समिट उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे। कार्यक्रम में 10 हजार से ज्यादा डेलीगेट्स उपस्थित रहेंगे। समापन सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू क रेंगी। इस अवसर पर राजदूतों ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए फंड रेजिंग डिपार्टमेंट बनाने के साथ अन्य महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

मुख्य सचिव से मिलने वालों में आयरलैंड के राजदूत अखिलेश मिश्र, लाओस के दिनकर अस्थाना, जेनेवा के इंद्रमणि पांडेय, पोलैंड की नगमा मोहम्मद मलिक, जॉर्डन के अनवर हलीम, भूटान के सुधाकर दलेला, नेपाल के नवीन श्रीवास्तव, बहरीन के पीयूष श्रीवास्तव, दक्षिण कोरिया के अमित कुमार, पुर्तगाल के मनीष चौहान, न्यूजीलैंड की नीता भूषण, क्रोएशिया के राजकुमार श्रीवास्तव, कजाखिस्तान की शुभदर्शिनी त्रिपाठी, मैक्सिको के डॉ. पंकज शर्मा और बोत्सवाना के राजदूत डॉ. राजेश रंजन मौजूद थे।

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