ब्रेकिंग न्यूज़
? सोशल मीडिया पर छाया ‘हरियाली क्रांति’ ट्रेंड, लाखों लोगों ने लगाये पौधेसीएम युवा कॉन्क्लेव-2025: आत्मनिर्भर युवाओं की नई उड़ानशिमला समझौते के बाद जनरल सैम मानेकशॉ : AMIT SHAH JIबाराबंकी में महिला सिपाही : बेरहमी से हत्या, चेहरा जलाया, शव झाड़ियों में मिलापाकिस्तान के पास शरण में आने के अलावा कोई चारा ही नहीं था : AMIT SHAH JIसारे सवालों का जवाब : रक्षामंत्री RAJNATH SINGH जी से सुनिए!जम्मू-कश्मीर: ऑपरेशन शिवशक्ति में सेना की बड़ी कामयाबी, दो आतंकी ढेरहिमाचल में फिर कुदरत का कहर: मंडी में 50 से ज्यादा वाहन मलबे में दबेकेरल की नर्स निमिषा प्रिया की फांसी टली, यमन में सजा रद्द – घर लौटने की उम्मीद जगीऑपरेशन महादेव: पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड समेत 3 आतंकी ढेरAI के असर से TCS में 12,000 कर्मचारियों पर गिरी गाजभारत-मालदीव संबंधों को नई उड़ान: पीएम की यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग को मिला बड़ा बल।RO/ARO परीक्षा पर मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की सख्त नजरहरिद्वार: ‘रेलिंग में करंट’ की अफवाह से मची भगदड़, 6 की मौतदेशभक्ति की पाठशाला: स्कूलों में पढ़ाया जाएगा ‘ऑपरेशन सिंदूर’सरकार का डिजिटल सफाई अभियान : अश्लील कंटेंट पर 25 OTT प्लेटफॉर्म्स बंदतिहाड़ बनी गैंग का अड्डा: जेल के भीतर से ही दी जा रही रंगदारी और हत्या की सुपारी“भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री संबंधों में नया अध्याय”भारत-UK आर्थिक संबंधों में नया युग: CETA समझौते पर हस्ताक्षरउत्तर प्रदेश अब माफिया मुक्त, पुलिस बनी कानून-व्यवस्था की रीढ़: मुख्यमंत्री योगी

ज्ञानवापीः ‘शिवलिंग’ की कार्बन डेटिंग जांच पर बहस पूरी, 14 अक्टूबर को आदेश

वाराणसी  (मानवीय सोच)  ज्ञानवापी मस्जिद में मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग जांच पर मंगलवार को मुस्लिम पक्ष ने भी अपनी आपत्ति दर्ज करा दी। इसके साथ ही मामले पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है। अब अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। संभावना है कि उस दिन अदालत अपना आदेश सुना सकती है।

वाराणसी के जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में मामले पर सुनवाई हुई। मुस्लिम पक्ष ने कार्बन डेटिंग जांच पर दाखिल वाद पर मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर आपत्ति दाखिल की है। पहली आपत्ति इसके मूलवाद को लेकर है। उनका कहना है कि यह मामला मूल वाद से संबंधित नहीं है। दूसरा जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है, वह आकृति सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सील है।

पिछली सुनवाई में जिला जज ने वादी अधिवक्ता से पूछा था कि कार्बन डेटिंग की अर्जी का सम्बंध क्या मूलवाद में नियत रखता है या नहीं। इस पर अधिवक्ता हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन ने स्पष्ट किया था कि शृंगारगौरी सहित अन्य विग्रहों के पूजा के अधिकार के वाद में अदालत में दृश्य व अदृश्य देवता की बात कही गई थी। ऐसे में यह भी मूलवाद का हिस्सा है। इसके बाद अदालत ने मुस्लिम पक्ष से इस पर आपत्ति मांगी थी। मंगलवार को मुस्लिम पक्ष की तरफ से आपत्ति आई और बहस पूरी करने के साथ ही अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित कर लिया। 

वहीं, फास्ट ट्रैक कोर्ट में शिवलिंग की आकृति की पूजा-पाठ के वाद पर भी सुनवाई हुई। इस मामले में मुस्लिम पक्ष ने आदेश 7 नियम 11 के तहत पोषणीयता जांचने (मेरिट) का आवेदन दिया है। इस मामले पर अदालत कल सुनवाई करेगी।

Scroll to Top