खैर विधानसभा से विधायक एवं प्रदेश में राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान ने सांसद निर्वाचित होने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेजा है। अब अध्यक्ष स्तर से उसे स्वीकार कर विधानसभा सीट रिक्त होने संबंधी नोटीफिकेशन जारी किया जाएगा। इधर, इस सीट को लेकर लोकसभा चुनाव से निपटे सियासी दलों में सियासत तेज हो गई है। सभी दलों में दावेदारों की दौड़ और दलों के स्तर से उनका फीडबैक लिया जाना शुरू कर दिया गया है। खैर क्षेत्र के पिसावा के गांव रूप नगर के मूल निवासी अनूप प्रधान टप्पल के यमुना एक्सप्रेस वे से जुड़े आंदोलन से सुर्खियों में आए।
उन्होंने 2012 में भाजपा से टिकट पाया। मगर रालोद से चुनाव हार गए। पहली बार वे 2017 में भाजपा के बैनर तले मोदी लहर में विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद लगातार तीसरी बार उन्हें 2022 में टिकट मिला और वह दूसरी बार निर्वाचित हुए। प्रदेश सरकार में राजस्व राज्य मंत्री भी बने। दूसरी बार विधायक निर्वाचित होने के बाद से ही उनके हाथरस सुरक्षित संसदीय सीट से लोकसभा प्रत्याशी बनने की चर्चाएं शुरू हो गईं। पार्टी ने भी उन पर भरोसा जताया और उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में हाथरस से प्रत्याशी बनाया।
वे 4 जून को हाथरस सांसद निर्वाचित हो गए। इस तरह कुल दो बार निर्वाचित होकर वे सात वर्ष चार माह तक विधायक रहे। इसके बाद सांसद निर्वाचित हो गए। सांसद निर्वाचित होने के दसवें दिन यानी 14 जून को उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया है। अब नियम के अनुसार अध्यक्ष स्तर से इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा। इसके साथ ही मंत्री पद भी स्वत: ही हट जाएगा। इस्तीफा स्वीकार होने के साथ ही खैर सीट रिक्त होने का नोटिफिकेशन जारी होगा।
