पीसीएस प्री-2021 में आयोग की अपील पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

प्रयागराज   (मानवीय सोच)  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीसीएस प्री-2021 का परीक्षा परिणाम रद्द किए जाने के मामले में दाखिल लोक सेवा आयोग और राज्य सरकार की विशेष अपील पर मंगलवार को अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल एवं न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ दिया है।

आयोग की दलील थी की सिर्फ दो अभ्यर्थियों के लिए पूरा परिणाम रद्द कर दिया गया जबकि याची के अधिवक्ता ने कहा की परिणाम पूरा रद्द नहीं हुआ है क्योंकि आयोग ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी साक्षात्कार लिया है। दोनों पक्ष की ओर से कई तकनीकी मुद्दे उठाए गए, जिन पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित कर लिया। गौरतलब है कि हाईकोर्ट की एकल पीठ ने भर्ती प्रक्रिया में पूर्व सैनिकों का पांच फीसदी आरक्षण न देने पर पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2021 के परिणाम को रद्द कर दिया था। साथ ही कहा था कि आयोग पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी आरक्षण देते हुए नए सिरे से प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी करे। 

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एकल पीठ के इस आदेश को अपील के माध्यम से चुनौती दी है। यह भी बताना जरूरी है कि लोक सेवा आयोग पीसीएस-2021 के लिए गत पांच अगस्त को साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर चुका है। एसडीएम, डिप्टी एसपी, बीडीओ, एआरटीओ समेत विभिन्न प्रकार के 623 पदों पर चयन के लिए 21 जुलाई से पांच अगस्त तक आयोजित साक्षात्कार में 1285 अभ्यर्थियों में से 1260 उपस्थित हुए थे। 25 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे।

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