आजमगढ़ (मानवीय सोच) शहर के मातबरगंज स्थित राजकीय अंबेडकर छात्रावास की जमीन मंगलवार को जमीन मालिक के पक्ष में कोर्ट के आदेश पर खाली करा ली गई। कोर्ट के आदेश पर अमीन के नेतृत्व में शहर कोतवाली व सिधारी थाना पुलिस व पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे और ताला तोड़ कर मकान मालिक को कब्जा दिला दिया। इस दौरान मौके पर काफी गहमा-गहमी रही। वहीं समाज कल्याण विभाग ने खाली कराए गए छात्रावास को अपना होने से इंकार करते हुए वहां अवैध कब्जा होना बताया।
शहर के बड़ादेव/एलवल मुहल्ला निवासी वकील इम्तेयाज की मातबरगंज में बेशकीमती जमीन है। इस जमीन पर वर्षो पर राजकीय अंबेडकर छात्रावास किराये पर लेकर खोला गया। जिसमें काफी संख्या में अनुसूचित जाति के छात्र रहते भी थे। इसका किराया समाज कल्याण विभाग द्वारा जमीन मालिक को दिया जाता था। 1990 के आसपास जब जजी मैदान में समाज कल्याण का छात्रावास बन गया तो जमीन मलिक को किराया देना विभाग ने बंद कर दिया। इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया।
कोर्ट ने जमीन मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए छात्रावास को खाली कराने का निर्देश दिया। जिसके अनुपालन में शहर कोतवाली पुलिस व जमीन मालिक मंगलवार की सुबह मौके पर पहुंचे तो वहां ताला बंद मिला। वहीं छात्रावास में रहने वाले कुछ छात्रा विरोध प्रदर्शन भी करने लगे। इसकी जानकारी कोर्ट को हुई तो कोर्ट ने ताला तोड़ कर कब्जा दिलाने का आदेश जारी करते हुए कोर्ट के अमीन रमेश कुमार को मौके पर भेज दिया। इसके बाद भारी संख्या में पुलिस फोर्स के अलवा पीएसी भी मौके पर बुला ली गई। फिर ताला तोड़ कर जमीन मालिक को कब्जा दिला दिया गया। इस दौरान मौके पर काफी गहमा-गहमी की स्थिति देखने को मिली।
कमरों से बाहर निकाले गए छात्रों के सामान
आजमगढ़। छात्रावास में काफी संख्या में छात्र रहते थे। कोर्ट के आदेश के बाद जब ताला तोड़ कर कोर्ट के अमीन व जमीन मालिक अंदर पहुंचे तो सभी कमरों को खाली करा कर सामान बाहर निकलवा दिया। कुछ छात्र अपने-अपने सामान ले भी गए। शेष की अमीन के नेतृत्व में टीम ने सूची बनाया।
हमारा छात्रावास जजी मैदान के पास स्थित है। मतबरगंज का छात्रावास हमार नहीं है और वहां कुछ लोगों का अवैध कब्जा है जो प्राइवेट छात्रावास संचालित कर रहे थे। कोर्ट के आदेश पर वहां कार्रवाई की गई है। उक्त छात्रावास से हमारा कोई लेना देना नहीं है।
