कानपुर : (मानवीय सोच) बिल्डर से ठगी के मामले में गिरफ्तार शातिर ठग अभिषेक प्रताप सिंह और उसके गुर्गे धर्मेंद्र यादव को जेल भेजने से पहले पुलिस ने बिठूर स्थित पायनियर ग्रींस सोसाइटी में दोनों के हाथों में रस्सी बांधकर परेड कराई थी। इसी सोसाइटी के लोग उसे बड़ा अफसर समझकर सलाम ठोंकते थे। शनिवार को जब पुलिस दोनों को अपराधियों की तरह सोसाइटी लेकर पहुंची तब पहली बार लोगों को उसकी असलियत पता चली।
बुधवार को पायनियर ग्रींस सोसाइटी के अंदर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यह वीडियो शनिवार का बताया जा रहा है। वीडियो में पुलिस अभिषेक और उसके ड्राइवर धर्मेंद्र को हाथों में रस्सी बांधकर सोसाइटी के अंदर ले जाते नजर आ रही है। लोगों ने बताया कि वे सभी अभिषेक को एनआईए के डीआईजी के रूप में दो साल से जानते थे।
शातिर ठग अभिषेक प्रताप सिंह दो सालों से पायनियर ग्रींस सोसाइटी में रहकर फर्जीवाड़ा कर रहा था। उसने इसी सोसाइटी में रहने वाली एक महिला के साथ मिलकर मंदिर के एक हिस्से में कब्जे का भी प्रयास किया, लेकिन लोगों के विरोध के आगे उसकी नहीं चली। उसके जेल जाने के बाद लोगों ने सोसाइटी में शुद्धिकरण के लिए पूजापाठ किया।
