ईदगाह कमेटी ने कहा, सुने जाने योग्य ही नहीं है वाद, 25 जनवरी को अगली सुनवाई

मथुरा   (मानवीय सोच)  मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले में दिल्ली निवासी विष्णु गुप्ता के वाद पर अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन (तृतीय) के न्यायालय में शुक्रवार को सुनवाई हुई। वादी पक्ष ने न्यायालय द्वारा पूर्व में अमीन निरीक्षण के आदेश पर अमल करने को कहा गया। इस पर शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी पक्ष ने आपत्ति जताई। कहा कि अमीन निरीक्षण के आदेश पर दोबारा सुनवाई की जाए।

ईदगाह कमेटी ने वाद की नकल मांगी। न्यायालय के आदेश पर वादी पक्ष ने नकल दी। कमेटी ने एक प्रार्थना पत्र लगाकर कहा कि ये वाद सुनवाई योग्य ही नहीं है। इसलिए इसकी पोषणीयता पर सुनवाई की जाए। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 25 जनवरी की तिथि तय की है।

अमीन निरीक्षण का दिया था आदेश

विष्णु गुप्ता ने वाद दायर कर श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर से शाही मस्जिद ईदगाह हटाने की मांग की है। इस पर बीते आठ दिसंबर को न्यायालय ने अमीन निरीक्षण का आदेश देकर 20 जनवरी को रिपोर्ट मंगाई थी। लेकिन इसी बीच प्रतिवादी शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी ने प्रार्थना पत्र लगाकर कहा था कि हम सुने बिना ही अमीन निरीक्षण का आदेश देना न्याय संगत नहीं है।

शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी ने दिए प्रार्थना पत्र

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के अधिवक्ता नीरज शर्मा ने दो प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। उन्होंने एक प्रार्थना पत्र पोषणीयता पर सुनवाई के लिए दिया। उन्होंने कहा कि पूजा स्थल अधिनियम और परिसीमा अधिनियम के तहत ये वाद सुने जाने योग्य ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अमीन निरीक्षण के आदेश पर हमें पहले सुना जाए। अभी तक वादी पक्ष ने वाद से संबंधित कोई नकल नहीं दी है। इस पर वादी पक्ष के अधिवक्ता शैलेश दुबे ने कहा कि हम पहले ही नकल दे चुके हैं। लेकिन न्यायालय ने नकल उपलब्ध कराने को कहा।

इस मामले में अब तक दिए गए सभी प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई के लिए 25 जनवरी की तिथि तय की है। इस मामले के सभी प्रतिवादियों को इस तिथि को सुबह 11 बजे न्यायालय में उपस्थित रहने को कहा गया है। न्यायालय में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के अधिवक्ता मुकेश खंडेलवाल, एक अन्य मामले में वादी महेंद्र प्रताप सिंह और दिनेश शर्मा भी न्यायालय में मौजूद रहे।

क्या कहते हैं वादी

वादी पक्ष ने न्यायालय में गलत तथ्य देकर अमीन निरीक्षण का आदेश कराया था। हमने प्रार्थना पत्र दिया है कि ये वाद सुने जाने योग्य ही नहीं है। पहले ये तय हो कि ये वाद चलने योग्य है या नहीं। वादी पक्ष न तो 13.37 एकड़ का मालिक है और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य इसका मालिक है। इसलिए विष्णु गुप्ता को वाद दायर करने का अधिकार नहीं है। न्यायालय ने अमीन निरीक्षण पर हमें सुने जाने के लिए 25 जनवरी की तिथि तय की है।

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