2010 में LDA ने निरस्त किया था अलाया अपार्टमेंट का कंपाउंडिंग मानचित्र, जांच के आदेश

लखनऊ:  (मानवीय सोच)  उत्तर प्रदेश के लखनऊ के अलाया अपार्टमेंट के मानचित्र को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे के बाद एलडीए के दस्तावेजों की पड़ताल पर यकीन करें तो साल 2010 में डिवेलपर ने इस इमारत का कंपाउंडिंग मानचित्र जमा किया था। इसे एलडीए ने निरस्त कर दिया था। कंपाउंडिंग मानचित्र तभी जमा किया जाता है जब मानचित्र के मुताबिक इमारत का निर्माण न किया गया हो।

ऐसे में आशंका है कि इमारत का निर्माण बिना मानचित्र की कमियां दूर किए करा लिया गया। एलडीए वीसी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अपार्टमेंट के मानचित्र और विभागों की एनओसी से जुड़े दस्तावेज बुधवार को खंगाले जाएंगे। एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि इमारत का निर्माण करीब 10 साल पहले हुआ था। ऐसे में जोन के वर्तमान इंजिनियर और प्रवर्तन दस्ते के लिए पुख्ता जानकारी मुहैया करवा पाना संभव नहीं है। बुधवार को इसकी पड़ताल होगी।

कई दिनों से दिख रही थीं दरारें
अलाया अपार्टमेंट का पूरा टावर पतले-पतले पिलर पर खड़ा था। यही नहीं, इसके कुछ पिलर पर काफी दिनों से दरारें भी दिख रही थीं। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, कई दिनों से बेसमेंट में पिलर की मरम्मत भी करवाई जा रही थी। आशंका है कि इसी दरम्यान हादसा हुआ और पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। मौके पर पहुंचे एलडीए इंजिनियरों ने भी मलबा देखकर घटिया निर्माण की आशंका जताई।

सपा नेता के बेटों के नाम है जमीन
इमारत जिस जमीन पर बनी है वो सपा नेता उनके बेटों के नाम बतायी जा रही है। सामने आए दस्तावेजों के मुताबिक इस जमीन पर मो तारिक एंड अदर्स ने अपार्टमेंट का निर्माण कराया है। वहीं, याजदान डिवेलपर्स के मुताबिक आठ साल पहले उनका इस इमारत में कार्यालय था, जिसे बंद किया जा चुका है।

लोगों ने उठाए सवाल
हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और एलडीए की भूमिका पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए। स्थानीय नागरिक राजेश कनौजिया ने कहा कि पूरे क्षेत्र में मानकों की जांच किए बिना एलडीए ने कई अपार्टमेंट के मानचित्र पास कर दिए। नगर निगम ने भी एनओसी दे रखी है। अलाया अपार्टमेंट के सामने की सड़क इतनी भी चौड़ी नहीं कि यहां बचाव के लिए जेसीबी समेत दूसरे बड़े वाहन लाए जा सकें। लिहाजा, पीछे की तरफ से दूसरे भवन स्वामी की दीवार तोड़कर जेसीबी और नगर निगम की गाड़ियों को मलबा हटाने के लिए भेजना पड़ा।

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