लखनऊ (मानवीय सोच) केंद्र सरकार की ओर से स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मामले में दबाव बढ़ाने के बाद बिजली कंपनियां बीच का रास्ता निकालने पर तैयार हो गई हैं। वे चार क्लस्टर के बजाय आठ क्लस्टर बनाकर टेंडर करने को तैयार हैं।
इस संबंध में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक भवानी सिंह खंगरौत ने पावर कॉरपोरेशन को प्रस्ताव भेजा है। इसमें टेंडर क्लस्टर को छोटा करने और हर क्लस्टर को 20 से 25 लाख उपभोक्ता का बनाने पर जोर दिया गया है। ताकि ज्यादा से ज्यादा कंपनियां टेंडर में हिस्सा ले सकें। फिलहाल प्रदेश में अभी चार कलस्टर में टेंडर हो रहा है। हर क्लस्टर की लागत लगभग 5500 करोड़ से 7000 करोड़ के बीच है। अभी तक हर क्लस्टर में 70 से 75 लाख उपभोक्ता हैं।
उधर, उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि मध्यांचल ने 20 से 25 लाख उपभोक्ताओं का क्लस्टर बनाने का प्रस्ताव देकर परिषद की मांग को जायज ठहराया है। परिषद लगातार आठ से ज्यादा क्लस्टर बनाने की मांग कर रहा है।
