नई दिल्ली (मानवीय सोच) आयकर विभाग ने टेक्सटाइल, कैमिकल, पैकेजिंग, रियल एस्टेट ओर एजुकेशन जैसे क्षेत्रों से जुड़े एक प्रमुख बिजनेस समूह के ठिकानों की 20 अगस्त को तलाशी ली. कार्रवाई के दौरान इस ग्रुप के खेड़ा, अहमदाबाद, मुंबई, हैदराबाद स्थिति करीब 58 परिसरों पर छापेमारी की गई. तलाशी अभियान (search operation)के दौरान डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल डेटा के रूप में आपत्तिजनक साक्ष्य मिले हैं जिन्हें जब्त कर लिया गया है. इन साक्ष्यों से पता चलता है कि ग्रुप विभिन्न तरीके अपनाकर बड़े पैमाने पर करचोरी कर रहा था, जिसमें खाते की किताबों के बाहर बेहिसाब नकद बिक्री, फर्जी खरीद की बुकिंग आदि शामिल है. यही नहीं, ग्रुप को कोलकाता स्थित ‘शेल कंपनियों’ से शेयर प्रीमियम के जरिये बेहिसाब राशि जमा करने में भी संलिप्त पाया गया है.
तलाशी के दौरान यह बात भी सामने आई है कि ऑपरेटरों के जरिये अपनी सूचीबद्ध कंपनियों (listed companies) के शेयर की कीमतों में हेरफेर करके मुनाफाखोरी में भी ग्रुप शामिल रहा है. जब्त किए गए साक्ष्यों से यह भी पता चलता है कि ग्रुप, फर्जी संस्थाओं के माध्यम से प्रमोटर्स के निजी इस्तेमाल के लिए धन की हेराफेरी कर रहा था.
साक्ष्यों के विश्लेषण से पता चला है कि ग्रुप, अपनी पबिलक लिमिटेड कंपनियों के अकाउंट बुक्स में हेराफेरी में भी संलिप्त था. तलाशी की कार्रवाई में 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि के बेहिसाब लेनदेन का पता चला है. अब तक 24 करोड़ रुपये का अनअकाउंटेड कैश, बिना हिसाब वाली ज्वैलरी भी अभियान के दौरान जब्त की गई है. मामले में आगे की जांच जारी है.
