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बांग्लादेशी बंदरगाहों से पूर्वोत्तर राज्यों में सामान भेजेगा भारत

ढाका   (मानवीय सोच)  भारत ने बांग्लादेश के बंदरगाहों का इस्तेमाल कर अपने पूर्वोत्तर राज्यों में सामान भेजना शुरू कर दिया है। भारत ने मंगलवार को दो प्रमुख बंदरगाहों का इस्तेमाल करके पूर्वोत्तर राज्यों में माल के ट्रांस-शिपमेंट के लिए ट्रायल रन शुरू किया है। द्विपक्षीय समझौते के तहत इस सामान को सड़क मार्ग के जरिये भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहुंचाया जाएगा। इससे पहले बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिम मोंगला समुद्री बंदरगाह पर सोमवार को माल के साथ पहला भारतीय जहाज पहुंचा था।

बता दें कि ये ट्रायल रन शुरू में जुलाई के लिए निर्धारित किए गए थे, लेकिन बांग्लादेशी अधिकारियों को सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को पूरा करने में समय लगा जिसके चलते इसे अगस्त में शुरू किया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सितंबर के पहले सप्ताह में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत आने की योजना है।

मोंगला बंदरगाह के अधिकारियों ने कहा कि परीक्षण के तौर पर कोलकाता बंदरगाह से एमवी रिशद रेहान यहां पहुंचा। चार साल पहले हुए द्विपक्षीय समझौते के तहत यह जहाज ‘ट्रांसशिपमेंट’ के तहत आया है। इसके तहत भारत से वस्तुओं को लाने और दूसरी जगह ले जाने के लिये बांग्लादेश के मुख्य पूर्वोत्तर चटगांव समुद्री बंदरगाह और मोंगला बंदरगाह का उपयोग किया जाना है।

मोंगला बंदरगाह प्राधिकरण के चेयरमैन रियर एडमिरल मोहम्मद मुसा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एमवी रिशद रेहान पहला भारतीय जहाज है जो हमारे बंदरगाह पर माल के साथ पहुंचा है। यह माल माल भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में सड़क मार्ग से पहुंचाए जाने के लिए है।’’ जहाज पर 16,380 टन लोहे के पाइप और 8.5 टन ‘प्रीफोम’थे। इसकी अगवानी ढाका में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने की।

इससे पहले, पिछले महीने चटगांव बंदरगाह पर भारतीय सामान से लदा जहां पहुंचा था। जिसे बाद में भारत के त्रिपुरा और असम पहुंचाया गया। बांग्लादेश के अधिकारियों ने कहा कि सीमा शुल्क अधिकारियों और देश की सुरक्षा एजेंसियों को भारतीय सीमा तक कंटेनरों को सुरक्षित पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया था। दोनों देशों ने 2015 में एक प्रारंभिक ‘ट्रांसशिपमेंट’ समझौता किया था। जिसके बाद 2018 में एक विस्तृत समझौता हुआ और बांग्लादेश और भारतीय अधिकारियों ने बाद में इसके क्रियान्वयन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की।

 

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