अंतरराष्‍ट्रीय उड़ानों में भारतीय कंपनियोंं का दबदबा

नई दिल्ली  (मानवीय सोच)  अंतरराष्ट्रीय विमानन सेक्टर में भारतीय वाहकों की बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी जारी है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2022 से दिसंबर 2022 तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रियों द्वारा भारतीय वाहकों की बाजार हिस्सेदारी 43.5 फीसदी थी, जो इसी समय 2019 में 39.2 प्रतिशत थी। ऐसे में आंकड़े साफतौर पर अंतरराष्ट्रीय विमानन सेक्टर में भारतीय कंपनियों के दबदबे को दर्शा रहे हैं। 

  • अक्टूबर से दिसंबर के बीच साल 2019 में बाजार हिस्सेदारी 39.2 फीसदी रही
  • इसी समय 2020 में बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 65.3 फीसदी हो गई।
  • 2021 में 2020 के मुकाबले थोड़ी गिरावट जरूर दर्ज की गई, लेकिन बाजार हिस्सेदारी 2019 की तुलना में बढ़ी थी, जो 2021 में 49.6 फीसदी रही।

डीजीसीए की अंतिम तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) साल 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतम यात्रियों को संयुक्त अरब अमीरात (32.9 फीसदी), सिंगापुर (7.9 फीसदी), सऊदी अरब (6.7 फीसदी) और कतर (6.3 फीसदी) से लाया और ले जाया जाता है। यूरोपीय देशों की बात की जाए, तो यूनाइटेड किंगडम (UK) की सबसे ज्यादा यात्रा की जाती है, क्योंकि करीब 4.4 फीसदी अंतरराष्ट्रीय यात्री यूके जाते हैं और वहां से आते हैं।

बेलेयर ट्रैवल के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन एस जैन ने बताया कि हवाई यात्रा बाजार में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहा है। पहले की तुलना में हमारे पास अधिक सीटें उपलब्ध हैं।

उन्होंने बताया कि जो टिकट 70,000 रुपए का हुआ करता था वह पिछले कुछ सालों में 4 लाख रुपए तक पहुंच गया था, लेकिन इनकी कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में लोग विदेश यात्रा करने, परिवारों और दोस्तों से मिलने के उत्साहित हैं।

एयर इंडिया ने दिया 500 विमानों का ऑर्डर

उन्होंने बताया कि भारतीय एयरलाइंस की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। एयर इंडिया ने अभी 500 विमानों का ऑर्डर दिया है। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि हवाई यात्रा बढ़ने वाली है। इसी बीच उन्होंने सरकार के योगदान को भी सराहा। उन्होंने कहा कि सरकार ने छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़कर बहुत बड़ा योगदान दिया है। इससे टियर टू और थ्री के शहरों में रहने वाले लोग व्यापार और पढ़ाई इत्यादि के लिए आसानी से यात्रा कर सकेंगे।

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