लखनऊ (मानवीय सोच) दो सौ करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। संस्थानों ने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (पीजीडीएम) कोर्स में बड़ा खेल किया है। छात्रों के दाखिले लिए और उनसे एक एग्रीमेंट कराया कि उनको फीस नहीं देनी होगी, उसके एवज में उनकी छात्रवृत्ति संस्थान लेगा। यही नहीं संस्थानों ने न पढ़ाई कराई और न ही परीक्षा। उन्हें सीधे डिप्लोमा थमा दिया और छात्रवृत्ति की रकम हड़प ली।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के बाद शासन के आदेश पर बीते 30 मार्च को हजरतगंज थाने में इस घोटाले की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें दस संस्थानों के अधिकारी व फिनो बैंक के अफसर आरोपी हैं। ईडी अपने स्तर से तफ्तीश कर तीन आरोपियों को जेल भेज चुका है। कमिश्नरेट पुलिस की एसआईटी भी केस की विवेचना कर रही है।
सूत्रों ने बताया कि पीजीडीएम कोर्स में होम सेंटर की व्यवस्था है। इसलिए सबसे अधिक खेल इसी में किया गया। संस्थानों ने दाखिले के वक्त ही ओबीसी, एससी-एसटी व दिव्यांग छात्रों को बताया कि उनका जीरो फीस पर एडमिशन होगा, जो उनकी छात्रवृत्ति आएगी वह संस्थान रखेगा। इस पर छात्र भी राजी हो गए।
