लखनऊ (मानवीय सोच) उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हमारी सरकार अतिक्रमण पर गरीबों का पुनर्वासन करती है और माफिया के निर्माण पर बुल्डोजर चलाती है। यह हमारी स्पष्ट नीति है। इसमें किसी को भी कोई संदेह नहीं होनी चाहिए। विधान परिषद में नेता सदन केशव तालाब पर कब्जे के संबंध में एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
विधान परिषद में द्वितीय सत्र के आखिरी दिन तालाबों और कुओं पर कब्जे का मुद्दा छाया रहा। सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मैनपुरी के गांव कल्याणपुर में तालाब पर अवैध कब्जे का मामला उठाया। नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने अपने जवाब में कहा कि इस तालाब पर दो व्यक्तियों का कब्जा है। सरकार इसे हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करेगी।
भाजपा के सदस्य रविशंकर सिंह पप्पू ने आजमगढ़ के गांव चकअफोई में कुएं पर कब्जा संबंधी सवाल उठाया। सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने जांच कराने के निर्देश दिए। प्रश्न प्रहर में ही सुरेश कुमार त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश सचिवालय में लोक सेवा आयोग, प्रयागराज की संस्तुति के बाद चयनित समीक्षा अधिकारियों (बैच-1991) की ज्येष्ठता सूची का मुद्दा रखा। आशुतोष सिन्हा ने वाराणसी समेत कई जिलों में वीवीआईपी के स्वागत में स्कूली बच्चों को खड़ा करने पर सवाल उठाया। इस पर केशव ने कहा कि किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष या प्रधानमंत्री के आने पर स्वागत हमारी संस्कृति का हिस्सा है।
सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षकों की ड्यूटी गैर शिक्षणेत्तर कार्यों में विशेष परिस्थितियों में ही लगाई जाए। शिक्षक दल केसदस्यों ने राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की तैनाती न होने का मुद्दा रखा। बसपा के भीमराव अंबेडकर ने बंजर भूमि को सुधार के बाद भूमिहीनों को वितरित करने का मामला रखा। जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेष निषाद ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। उमेश द्विवेदी ने बोर्ड से चयन के बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति न होने की समस्या को रखा। डॉ. आकाश अग्रवाल ने भी पोखर से संबंधित समस्या उठाई। रविशंकर सिंह पप्पू ने बाराबंकी में सरपरा रेलवे फाटक के पास अतिक्रमण हटाने का मामला रखा। आशुतोष सिन्हा ने सोनभद्र में माध्यमिक विद्यालयों का निर्माण अटके होने पर चिंता जताई।
एक विभाग का जवाब दूसरे के देने पर सभापति ने की टिप्पणी
विधान परिषद सदस्य भीमराव अम्बेडकर ने ऊसर एवं बंजर भूमि के संबंध में सवाल पूछा। जवाब जलशक्ति विभाग की ओर से आया, जबकि यह प्रश्न कृषि विभाग से संबंधित था। इस पर सभापति ने टिप्पणी की कि जलशक्ति विभाग को जवाब देने के बजाय इसे कृषि विभाग के लिए संदर्भित करना चाहिए था।
