लखनऊ (मानवीय सोच) एलडीए ने चारबाग स्थित गुरुनानक मार्केट के फ्लैटों में होटल बनाने के मामले में 20 साल बाद कार्रवाई की है। नोटिस के विरोध में सोमवार को लखनऊ होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में कारोबारियों का एक प्रतिनिधिमंडल एलडीए सचिव पवन कुमार गंगवार से मिला और उन्हें अपनी पीड़ा सुनाई।
प्रतिनिधिमंडल ने सचिव को बताया कि पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को वर्ष 1950 में जीविका चलाने के लिए गुरुनानक मार्केट में दुकानें दी गई थीं। यहां 200 दुकान एवं 48 फ्लैट हैं। कारोबारियों के परिवार बढ़े तो फ्लैट को ही होटल का रूप देकर व्यवसाय करने लगे।
मानचित्र बगैर निर्माण कैसे
जोन छह के विहित प्राधिकारी राम शंकर ने नोटिस में पूछा है कि फ्लैट में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए होटल का निर्माण कैसे कर लिया गया। एलडीए के इस सवाल का जवाब किसी कारोबारी के पास नहीं है।
27 व्यापारियों को नोटिस
जोन छह के प्रवर्तन प्रभारी – राम शंकर चारबाग में अवैध रुप से जितने भी होटल बने हैं, उनको पहले ही नोटिस जारी हो चुके हैं। गुरुनानक मार्केट के 27 लोग बचे थे, जिनको धारा-27 के तहत फ्लैट में बिना मानचित्र के होटल बनाए जाने का नोटिस जारी किया गया है।
