बरेली (मानवीय सोच) पशुओं को छुट्टा छोड़ने वालों पर पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दूध पीने के बाद पशुओं को छुट्टा छोड़ने वाले और सरकार से 900 रुपये महीने भत्ता लेने वाले पशुपालकों को चिह्नित करें। पहले उन्हें चेतावनी दें, फिर भी न मानें तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं और जेल भेजें। जब दो-चार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे तो बाकी पशुपालक ऐसा करने से डरेंगे।
विकास भवन में शुक्रवार दोपहर हुई बैठक में मंत्री ने कहा कि छुट्टा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा किसान बार-बार उठा रहे हैं। समाधान के लिए मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। गोचर भूमि को सभी एसडीएम अवैध कब्जों से मुक्त कराएं और उस पर हरा चारा उगवाएं।
खाद और दूसरे उत्पाद तैयार कराके गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाएं। बैठक में ब्लाक प्रमुखों से 50-50 क्विंटल भूसा दान करने का आग्रह किया। डीसी मनरेगा गंगाराम ने प्रत्येक गांव में एक गो-आश्रय स्थल स्थापित करने के लिए मनरेगा के तहत काम कराने की बात कही।
