बेंगलुरु (मानवीय सोच) कर्नाटक पुलिस ने नाबालिग लड़कियों से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी लिंगायत संत शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। एहतियात के तौर पर यह नोटिस जारी किया गया है। बता दें कि लुक आउट नोटिस या सर्कुलर (एलओसी) इसलिए जारी किया जाता है ताकि कोई भी फरार या वांछित व्यक्ति देश छोड़ने में सक्षम न हो। महंत के खिलाफ नोटिस सभी आव्रजन चौकियों जैसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों व बंदरगाहों को जारी किया गया है।
शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू कर्नाटक के चित्रदुर्ग में एक प्रमुख लिंगायत मठ के प्रमुख महंत हैं। महंत की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हो रहे विरोध के बीच कर्नाटक पुलिस ने गुरुवार को यौन उत्पीड़न मामले में मठ द्वारा संचालित स्कूल हॉस्टल के मुख्य वार्डन को हिरासत में ले लिया है। इस मामले में पुलिस की यह पहली दंडात्मक कार्रवाई है।
मुरुगा मठ के महंत की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक टली
इस बीच चित्रदुर्ग की एक स्थानीय अदालत ने यौन उत्पीड़न मामले में मठ के प्रमुख महंत शिवमूर्ति मुरुगा शरणारु की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी है। महंत के खिलाफ बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मुकदमा दायर किया गया है।
महंत ने सोमवार को अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दायर की थी, लेकिन उनके खिलाफ मंगलवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अतिरिक्त आरोप भी जोड़े गये, क्योंकि दो पीड़ितों में से एक अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय की है। द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने पहले पॉक्सो अधिनियम के तहत जमानत याचिका पर आपत्तियों को लेकर बाल संरक्षण इकाई को नोटिस जारी किया था।
अब एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अतिरिक्त आरोप शामिल किये जाने की पृष्ठभूमि में जमानत याचिका पर अब पुलिस (अभियोजन) की आपत्तियां भी जरूरी हो गयी हैं। पुलिस ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए कल का समय मांगा है। इसके बाद ही अदालत अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी।
चित्रदुर्ग पुलिस ने इस सप्ताह के आरम्भ में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए दो पीड़िताओं को पेश किया था। इस मामले में महंत के अलावा पांच और व्यक्ति आरोपी हैं, जिनमें मठ के छात्रावास का एक वार्डन भी शामिल है। ऐसा आरोप है कि मठ द्वारा संचालित स्कूल में पढने और छात्रावास में रहने वाली 15 और 16 वर्ष की दो लड़कियों का यौन-उत्पीड़न जनवरी 2019 से लेकर जून 2022 तक किया गया था। महंत के खिलाफ पॉक्सो एवं एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून के अलावा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
