लखनऊ (मानवीय सोच) विश्वविद्यालय का प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग स्नातक के विद्यार्थियों को अयोध्या उत्खनन भी पढ़ाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत होने वाले बदलावों के तहत विभाग ने इसे अपने सिलेबस में शामिल करने का फैसला किया है। इसके तहत बीए चतुर्थ सेमेस्टर के आठवें पेपर फील्ड आर्कियोलॉजी के चौथे यूनिट में अयोध्या के उत्खनन के साथ ही भीमबेटका, कालीबंगा और हस्तिनापुर को भी शामिल किया गया है।
विभाग के अध्यक्ष प्रो. पीयूष भार्गव ने बताया कि अयोध्या उत्तर प्रदेश में स्थित एक प्राचीन नगर है जिसका उल्लेख रामायण, महाभारत तथा विभिन्न पुराणों में मिलता है। पुराणों के अनुसार इस नगर को इक्ष्वांकु वंश के मनु ने बसाया था। उसके बाद उनकी पीढ़ी में दशरथ, राम आदि ने शासन किया। बाद के ग्रंथों में इसे कोसल के नाम से जाना गया। बाद में इसके दो भाग कर दिए गए- उत्तर कोसल और दक्षिण कोसल। उत्तर कोसल की राजधानी श्रावस्ती तथा दक्षिण कोसल की राजधानी कुशावती बताई गई है। प्राचीन ग्रंथों में उल्लेख है कि यह नगर सरयू नदी के किनारे बसा हुआ था। रघुवंश में भी इसका उल्लेख मिलता है।
