चंडीगढ: (मानवीय सोच) भारत जोड़ो यात्रा के बीच पंजाब में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री पंजाब और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनप्रीत सिंह बादल ने कांग्रेस से इस्तीफे के बाद भाजपा का दामन थाम लिया है। इससे पहले उन्होंने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को इस्तीफा दे दिया था।
इस्तीफे के बाद मनप्रीत बादल दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंचे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को भेजे अपने इस्तीफे में बादल ने कहा कि कांग्रेस से उनका ‘मोहभंग’ हो गया है। कांग्रेस छोड़ने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘बीजेपी नेताओं को धन्यवाद। पीयूष गोयल की कोशिश से मैं बीजेपी में हूं। आप सभी ने जो सम्मान दिया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। राजनीति में एक शेर से मुलाकात हुई। वे गृह मंत्री अमित शाह थे।’
उन्होंने आगे कहा कि कहा कि हिंदुस्तान पर आक्रमण के क्रम में पंजाब पर 400 बार हमला हुआ। लेकिन हमलोग पंजाब को उसके हाल पर नही छोड़ेंगे। ये बात अमित शाह ने कही थी। ये बात दिल को छू गई। बादल ने अपना इस्तीफा ट्विटर पर भी साझा किया। उन्होंने इस्तीफे में लिखा, ‘पार्टी और सरकार में मुझे जो भी जिम्मेदारी दी गई उसे निभाने में मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। मुझे ये मौका देने और सम्मान देने के लिए शुक्रिया। दुर्भाग्य ये पार्टी के भीतर जारी मौजूदा संस्कृति और उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण मैं अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का हिस्सा नहीं बना रहना चाहता।’
मनप्रीत सिंह बादल पूर्व में अकाली-भाजपा सरकार के दौरान और फिर कांग्रेस शासन काल में भी वित्त मंत्री रह चुके हैं। पिछले विस चुनाव में कांग्रेस पार्टी के हारने के बाद मनप्रीत सिंह बादल सियासत में अधिक सरगर्म नहीं नजर आ रहे थे। राहुल गांधी की भारत छोड़ो यात्रा के पंजाब दौरे में कहीं भी मनप्रीत सिंह बादल नजर नहीं आए। बता दें, मनप्रीत सिंह बादल मालवा के दिगगज कांग्रेस नेता हैं और उनकी मौजूदा पंजाब कांग्रेस के प्रधान राजा वड़िंग के साथ अनबन सबके सामने है।
