नई दिल्ली (मानवीय सोच) बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनाव को लेकर कमर कस ली है. मायावती खुद लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं. इसके लिए वह लगातार अपने नेताओं के साथ बैठक कर रही हैं. अब मायावती ने चुनाव की तैयारियों को लेकर अपने नेताओं से रिपोर्ट लेने की बात कही है. इससे नेता ज्यादा गंभीर होकर निकाय चुनाव हों या लोकसभा उसकी तैयारियों में लग जाएं. इस प्रक्रिया से नेताओं के क्षेत्र में दौरे बढ़ेंगे और जनता से जुड़ाव भी बढ़ेगा.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी है. मायावती अब अपने सिपहसालारों से रिपोर्ट लेना शुरू करेंगी. उस रिपोर्ट में किसने कितना काम किया, अब हर हफ्ते बताना होगा. मायावती ने पार्टी के पदाधिकारियों को सभी कोऑर्डिनेटर की समीक्षा के आदेश भी दे दिए हैं. सभी कोऑर्डिनेटर से सप्ताह भर की योजनाओं का खाका तैयार करने को कहा गया है. एक सप्ताह में कितने सदस्य बनाएं, कितनी बैठक की, कितने युवाओं को जोड़ा बहनजी को इसकी सूचना देनी होगी.
निकाय चुनावों में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती
विधानसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद मायावती अब लोकसभा चुनाव और उससे पहले निकाय चुनावों में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती और उसके लिए उन्होंने तैयारी शुरू कर दी है. सिपहसालारों अपनी रिपोर्ट बनाते समय कई बातों का जिक्र करना होगा. उन्हें रिपोर्ट में एक सप्ताह में कितने सदस्य बनाएं, कितनी बैठक की और कितने युवाओं को जोड़ा इसकी पूरी रिपोर्ट देनी होगी. जिसके बाद पार्टी पदाधिकारी मायावती को इसकी सूचना देंगे. बीएसपी का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही विश्वनाथ पाल अलग-अलग जिलों के दौरे पर हैं. इस दौरान वे हर जिलों में जाकर स्थानीय नेताओं से जानकारी ले रहे हैं. जौनपुर से बीएसपी सांसद श्याम सिंह यादव ने कहा की ये बहुत महत्वपूर्ण फैसला है इस से जमीनी स्तर पर पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जायेंगे और जनता के साथ संवाद बढ़ेगा जिसका लाभ आगामी चुनावों में पार्टी को मिलेगा.
गांव- गांव में जनाधार बढ़ाने के निर्देश दिए
इससे पहले मायावती ने बैठक करके अपने नेताओ से आगामी चुनावी के लिए तैयार रहने से निर्देश दे दिए हैं. बैठक के दौरान मायावती ने राजनीतिक हालातों पर यूपी और उत्तराखंड के वरिष्ठ पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों को एक्टिव रहने का निर्देश दिया था. इसके अलावा पार्टी के लिए अनुकूल माहौल बनाने के साथ ही बदले माहौल में जनाधार को जोड़ने के लिए गांव-गांव में जाने को कहा था. तब उन्होंने कहा था कि पार्टी के मूवमेंट को मजबूत बनाने के लिए नई रणनीति पर पूरे जी-जान से लग जाएं
