लखनऊ : (मानवीय सोच) समाजवादी पार्टी को इशारों-इशारों में समर्थन देने वाली बसपा प्रमुख मायावती अगले ही दिन पलट गई हैं। उन्होंने सपा को काफी लाचार और कमजोर बताया।
मंगलवार को मायावती ने ट्वीट कर कहा था कि धरना प्रदर्शन की अनुमति न देना सरकार की तानाशाही है। जिस पर माना जा रहा था कि सपा की विधानसभा के लिए निकली पैदल यात्रा को रोके जाने पर बसपा प्रमुख ने सरकार पर निशाना साधा है।
बुधवार को ट्वीट कर उन्होंने सपा को कमजोर करार दिया। उन्होंने ट्वीट किया कि भाजपा की घोर जातिवादी, साम्प्रदायिक व जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश की सेक्युलर शक्तियों ने सपा को वोट देकर यहां प्रमुख विपक्षी पार्टी तो बना दिया किन्तु यह पार्टी भाजपा को कड़ी टक्कर देने में विफल साबित होती हुई साफ दिख रही है, क्यों?
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि यही कारण है कि भाजपा सरकार को यूपी की करोड़ों जनता के हित व कल्याण के विरुद्ध पूरी तरह से निरंकुश व जनविरोधी सोच व कार्यशैली के साथ काम करने की छूट मिली हुई है। विधान सभा में भी भारी संख्या बल होने के बावजूद सरकार के विरुद्ध सपा काफी लाचार व कमजोर दिखती है जो कि अतिचिन्तनीय है।
1. भाजपा की घोर जातिवादी, साम्प्रदायिक व जनहित-विरोधी नीतियों आदि के विरुद्ध उत्तर प्रदेश की सेक्युलर शक्तियों ने सपा को वोट देकर यहाँ प्रमुख विपक्षी पार्टी तो बना दिया, किन्तु यह पार्टी भाजपा को कड़ी टक्कर देने में विफल साबित होती हुई साफ दिख रही है, क्यों? 1/2
— Mayawati (@Mayawati) September 21, 2022
2. यही कारण है कि भाजपा सरकार को यूपी की करोड़ों जनता के हित व कल्याण के विरुद्ध पूरी तरह से निरंकुश व जनविरोधी सोच व कार्यशैली के साथ काम करने की छूट मिली हुई है। विधान सभा में भी भारी संख्या बल होने के बावजूद सरकार के विरुद्ध सपा काफी लाचार व कमजोर दिखती है, अति-चिन्तनीय। 2/2
— Mayawati (@Mayawati) September 21, 2022
मायावती के मंगलवार को किए गए ट्वीट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। जिसमें उन्होंने सपा के पैदल मार्च को रोकने पर योगी सरकार को आड़े हाथों लिया था।
