लखनऊ (मानवीय सोच) बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर योगी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है जो कि वादों का पिटारा है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यूपी सरकार द्वारा सदन में पेश किया गया बजट जनहित व जनकल्याण का कम एवं लोकसभा चुनाव के स्वार्थ को लेकर वादों का पिटारा है। क्या इस अवास्तविक बजट से प्रदेश की जनता का हित व कल्याण और भारत का ग्रोथ इंजन बनने का दावा पूरा होगा? कर्ज में डूबे यूपी को भ्रमकारी नहीं रोजगार-युक्त बजट चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यूपी की भाजपा सरकार अपनी बहुप्रचारित घोषणाओं, वादों व दावों को ध्यान में रखकर महंगाई से त्रस्त लगभग 24 करोड़ जनता की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, पिछड़ेपनऔर अराजकता से उत्पन्न बदहाली को दूर करने हेतु अपनी कथनी और करनी में अंतर से जनता के साथ विश्वासघात क्यों कर रही है।
यूपी सरकार द्वारा लोकसभा आमचुनाव के मद्देनजर नए भ्रमकारी वादे व दावे करने से पहले पिछले बजट का ईमानदार रिपोर्ट कार्ड लोगों के सामने नहीं रखने से स्पष्ट है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार में प्रति व्यक्ति आय व विकास की जमीनी हकीकत मिथ्या प्रचार व जुमलेबाजी है। उन्होंने कहा कि बजट ऊंट के मुंह में जीरा है।
उन्होंने कहा कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रति व्यक्ति आय में अपेक्षित वृद्धि, रोजगार व सरकारी भर्ती आदि तो दूर, उन पर कर्ज का बढ़ता बोझ सरकार की गलत नीतियों व प्राथमिकताओं का प्रमाण है। कर्ज के बढ़ते बोझ से स्पष्ट है कि सरकार, दावों एवं प्रचारों के विपरीत, हर मोर्चे पर विफल हो रही है।
