बरेली (मानवीय सोच) पूर्वोत्तर रेलवे ने रेलवे ट्रैक को जानवर (मवेशी),और इंसानों से सुरक्षित करने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने का फैसला लिया है. इसके लिए ट्रैक (रेल पटरी) के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी, जिससे ट्रेन अपनी तेज रफ्तार से दौड़ सकें. इसके साथ ही हादसे भी नहीं होंगे.
ट्रैक की सुरक्षा को लेकर रेलवे का बड़ा फैसला
इंडियन रेलवे की कॉरपोरेट ट्रेन वंदे भारत के सामने पिछले दिनों एक मवेशी के आने से हादसा हो गया था. इससे ट्रेन संचालन प्रभावित हुआ. इसके साथ ही वंदे भारत ट्रेन में भी नुकसान हुआ था. इसके बाद से रेलवे बोर्ड लगातार ट्रैक की सुरक्षा को लेकर बड़े फैसले ले रहा है
कहां से कहां तक बनेगी सुरक्षा दीवार
रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद एनईआर ने इज्जतनगर रेल मंडल के बरेली सिटी-कासगंज रेलखंड, कासगंज- कानपुर रेलखंड, इज्जतनगर वाया भोजीपुरा- पीलीभीत रेलखंड, पीलीभीत-लखीमपुर खीरी रेलखंड और पीलीभीत-शाहजहांपुर रेलखंड के ट्रैक के दोनों ओर सुरक्षा दीवार बनाने का फैसला लिया गया है .इसके लिए इंजीनियरिंग टीम प्लान बनाने में जुट गई है.जल्द ही ट्रैक के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार होगी.इससे हादसे नहीं होंगे, तो वहीं ट्रेन भी तेज रफ्तार से दौड़ सकेंगी.
आबादी के बीच बन चुकी हैं सुरक्षा दीवार
एनआर और एनईआर ने आबादी के बीच रेल ट्रैक को पहले ही सुरक्षित कर लिया है.मगर, अब बाकी रेल ट्रैक को भी सुरक्षित करने की तैयारी है.एनईआर करीब 400 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार बनाएगा.
ट्रेनों की बढ़ाई जाएगी रफ्तार
एनईआर के रेलवे ट्रैक को मीटरगेज (छोटी लाइन) से ब्रॉडगेज (बड़ी लाइन ) में परिवर्तित किया जा चुका है.इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी.मगर, सुरक्षा दीवार बनाने के बाद ट्रेनों की रफ्तार में और इजाफा होगा.
