मेरठ (मानवीय सोच) परीक्षितगढ़ क्षेत्र के खजूरी गांव निवासी धीरेंद्र त्यागी उर्फ भगतजी के बेटे दीपक त्यागी की हत्या के मुकदमे की विवेचना बागपत में ट्रांसफर हो गई है। शुक्रवार को बागपत एसओजी टीम खजूरी गांव में पहुंची और जांच करनी शुरू कर दी।
दीपक त्यागी की हत्या के खुलासे पर पीड़ित परिवार ने सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि परीक्षितगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपी को बचाने के लिए इस हत्याकांड का खुलासा गलत किया है। इसको लेकर पीड़ित परिवार में गुस्सा है और कई दिनों से खजूरी गांव में धरना जारी है।
पीड़ित परिवार में सही हत्यारों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को मुआवजा और पुलिस पर कार्रवाई के साथ-साथ मुकदमे की जांच एसपी बागपत नीरज जादौन से कराने की मांग की थी। यह सभी मांगें आठ अक्तूबर तक पूरी न होने पर ग्रामीणों ने नौ अक्तूबर को महापंचायत का एलान किया हुआ है। जिसके चलते आईजी मेरठ रेंज प्रवीण कुमार ने मेरठ पुलिस से विवेचना हटाकर एसपी बागपत को सौंप दी।
शुक्रवार को बागपत एसओजी प्रभारी तपेश्वर सागर अपनी टीम को लेकर खजूरी गांव में पहुंच गए। पूरी घटना का क्राइमसीन कराया और पीड़ित परिवार से जानकारी ली। पीड़ित परिवार ने जिन-जिन लोगों पर हत्या करने का शक जताया है। उन सभी से दोबारा से बागपत पुलिस पूछताछ करेगी।
