प्रयागराज (मानवीय सोच) भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत से पहले जो रुतबा बाघम्बरी मठ का था अब वह घटता नजर आ रहा है। इसका जीती-जागती तस्वीर शनिवार को देखने को मिली। इस तस्वीर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव दिखाई दे रहे थे, लेकिन शिवपाल के अलावा कोई भी बड़ा नेता उनके साथ नहीं दिखाई दिया। साधु-सतों के बीच में अकेले शिवपाल यादव बैठे थे।
दरअसल प्रयागराज में शनिवार को महंत नरेंद्र गिरि की पुण्यतिथि पर बाघम्बरी गद्दी पर भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें तमाम बड़े नेताओं को निमंत्रण दिया गया था, लेकिन शिवपाल के अलावा कोई अभी बड़ा नेता नहीं दिखाई दिया। चर्चा तो यह है भी है नरेंद्र गिरि की पुण्यतिथि पर आयोजित भोज के लिए सीएम योगी और अखिलेश यादव को भी निमंत्रण दिया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। अकेले शिवपाल यादव ही भोज करते दिखाई दिए। उनकी एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है।
महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देने जुटे साधु-संत
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की पहली पुण्यतिथि शनिवार को मनाई गई। श्रद्धांजलि देने के लिए निरंजनी अखाड़े के अधिकांश प्रमुख संत जुटे। सुबह समाधि स्थल पर अभिषेक के बाद विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया गया। भगवान शिव, देवी पार्वती, भगवान कार्तिकेय की आरती हुई। भंडारे के प्रसाद का सबसे पहले महंत नरेंद्र गिरि की समाधि स्थल पर भोग लगाया गया। इसके बाद भंडारा चला। बाघम्बरी मठ में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ‘लोहिया’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री शिवपाल यादव, भाजपा के एमएलसी सुरेंद्र चौधरी भी पहुंचे।
शिवपाल यादव लगभग डेढ़ घंटे तक बाघम्बरी मठ में रहे और प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के सचिव व जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरिगिरि, जूना अखाड़े के महंत नारायण गिरि आदि साधु संत मौजूद रहे। संतों ने विधि विधान से पूजन के बाद प्रसाद ग्रहण किया। बाघम्बरी पीठाधीश्वर महंत बलबीर गिरि ने सभी का तिलक लगाकर स्वागत किया और फिर प्रसाद परोसा।
धड़ों में बंटे अखाड़ा परिषद का दिखा असर
महंत नरेंद्र गिरि की आसामयिक मौत के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद दो धड़ों में बंट गया है। एक गुट महंत रविंद्रपुरी ‘निरंजनी अखाड़े’ के साथ है तो दूसरा गुट महंत रविंद्रपुरी ‘महानिर्वाणी’ अखाड़े के साथ है। दो गुटों में बंटे परिषद के कारण शनिवार को साधु संत कम दिखे। महंत नरेंद्र गिरि के दौर में मठ में जो भी आयोजन होता था, उसमें सभी प्रधान संत दिखाई देते थे। यहां तक की उनकी षोडशी पर भी संत जुटे थे, लेकिन अब पहली पुण्य तिथि पर वो साधु-संत नहीं दिखाई दिए। अखाड़ा परिषद के दूसरे गुट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी, सचिव महंत राजेंद्रदास, अयोध्या के संत धर्मदास आदि सभी को न्योता भेजा गया, लेकिन कार्यक्रम में ये संत दिखाई नहीं दिए। संतों की कम संख्या पर महंत रविंद्रपुरी ने कहा कि दु:ख का भंडारा है, लोग अपेक्षाकृत कम आते हैं। वैसे भी इस वक्त तमाम संत अपने-अपने काम में व्यस्त हैं।
जगह-जगह कब्जा कर रहे भाजपा कार्यकर्ता : शिवपाल
प्रयागराज में महंत नरेंद्र गिरि की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होने आए पूर्व मंत्री ने शनिवार सुबह श्रीप्रकाश राय ‘लल्लन राय के आवास पर बातीचीत के दौरान शिवपाल यादव ने भाजपा कार्यकर्ता पर भी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा, जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ता कब्जा कर रहे हैं। इसका उदाहरण प्रयागराज में ही कचहरी रोड पर देखने को मिल रहा है। इसे लेकर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर शिकायत करेंगे। इस दौरान शिवपाल यादव ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में सरकार के साथ हिस्सा बनने की भी इच्छा जताई।
उन्होंने आगे कहा, सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर बोले कि संगठन को मजबूत नहीं बना सके। चुनाव से पहले जनता उनके संगठन को सत्ता में देखना चाहती थी, लेकिन प्रदेश के किसी भी जिले में उन्होंने संगठन को मजबूत करने का काम नहीं किया। अखिलेश के इस बयान पर कि डिप्टी सीएम केशव मौर्य 100 विधायक लेकर आएं तो उन्हें सीएम बना देंगे, के सवाल पर पूर्व मंत्री ने कहा कि भतीजे ने चाचा को लेकर कुछ नहीं बोला है।
