नई दिल्ली (मानवीय सोच) तुर्की के राजदूत ने भीषण भूकंप से तबाह उनके देश में राहत और बचाव दल की मदद भेजने के लिए भारत को शुक्रिया कहा है. भारत में तुर्की के राजदूत फिरत सुनेल ने नई दिल्ली को ‘दोस्त’ कहा है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने भूकंप से बर्बाद हो गए तुर्की को राहत और मानवीय सहायता भेजने का फैसला किया है. जहां सोमवार को रिक्टर स्केल पर 7.8-तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद अब तक 4,800 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. सोमवार को आए भीषण भूकंप के बाद तुर्की में कई और भूकंप के झटके भी महसूस किए गए. इन भूकंपों ने तुर्की की सीमा के करीब के सीरिया के एक बड़े इलाके पर भी असर डाला है.
सोमवार देर रात एक ट्वीट में सुनेल ने कहा कि ‘दोस्त’ तुर्की और हिंदी में एक आम शब्द है. हमारे यहां एक तुर्की कहावत है कि जो जरूरत के समय काम आए वही वास्तव में दोस्त है. आपका बहुत-बहुत शुक्रिया.’ मंगलवार को भारत ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की बचाव टीमों के साथ मानवीय सहायता का पहला जत्था तुर्की भेजा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्विटर पर कहा कि ‘भारत की मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) एजेंसियां कार्रवाई में जुट गईं हैं.’
डिप्टी कमांडेंट दीपक तलवार के नेतृत्व में एनडीआरएफ की 51 सदस्यों की पहली टीम भारतीय वायु सेना (IAF) के विमान से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे से तुर्की के लिए रवाना हुई. सोमवार को केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड और जरूरी उपकरणों के साथ 100 कर्मियों की एनडीआरएफ की दो टीमें खोज और बचाव कार्यों के लिए तुर्की जाने के लिए तैयार हैं. सरकार के मुताबिक जरूरी दवाओं के साथ प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ के साथ मेडिकल टीमें भी तैयार की जा रही हैं. इन सभी को तुर्की के भूकंप से तबाह इलाकों में पीड़ितों की मदद के लिए भेजने की तैयारी है.
