यूपी में दलितों की जमीन खरीदने के लिए अब नहीं लेगी पड़ेगी अनुमति!

लखनऊ:  (मानवीय सोच)   उत्‍तर प्रदेश की प्रस्‍तावित नई टाउनशिप नीति के अनुसार अब छोटी जमीनों पर भी कॉलोनियां बसाई जा सकेंगी। दो लाख से कम आबादी वाले शहरों में न्यूनतम 12.5 एकड़ और बड़े शहरों में 25 एकड़ में नई कॉलोनियां बन सकेंगी। सुगबुगाहट तो इस बात की भी चल रही है कि दलितों और अनुसूचित जनजाति की जमीन खरीदने के लिए डीएम की अनुमति की जरूरत नहीं रहेगी। मंगलवार को आवास विभाग की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष नई टाउनशिप नीति के प्रजेंटेशन में दी गईं।

सपा ने नीति आने से पहले ही कस दिया तंज

अगर दलितों और अनुसूचित जनजाति की जमीन लेने के लिए डीएम की अनुमति नहीं लेने संबंधी प्रस्‍ताव पास हो जाता है तो यह बड़ी बात होगी। हालांकि अभी तक कुछ स्‍पष्‍ट नहीं है पर समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर तंज कस दिया है। समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने ट्वीट किया है- ‘अब दलितों की जमीन पर आसानी से भाजपाई भूमाफिया कब्जा कर सकेंगे। दलितों को डरा धमका का उनकी जमीन सस्ते दामों पर खरीद सकेंगे।

निजी टाउनशिप में नक्‍शा पास करने के नियम होंगे सख्‍त

आवस विभाग की प्रस्तावित नई नीति के अनुसार, कॉलोनियां तक जाने के लिए कम से कम 24 मीटर और कॉलोनियों के भीतर 12 मीटर चौड़ी सड़कें होंगी। निजी टाउनशिप में नक्शा पास करने के नियम सख्त होंगे। सेक्टर विशेष का अलग से कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था होगी। जिस सेक्टर का प्रमाण पत्र होगा उसका ही नक्शा पास किया जाएगा। बिन कंपलीशन सर्टिफिकेट नक्शा पास नहीं किया जाएगा। वर्तमान में लागू इंटिग्रेटेड नीति में कॉलोनी बनाने के लिए न्यूनतम 500 एकड़ और हाईटेक नीति में न्यूनतम 1500 एकड़ की अनिवार्यता समाप्त की जाएगी।

 

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