लखनऊ (मानवीय सोच) कम बारिश से बेहाल किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रतिदिन कृषि फीडर पर 16 घंटे बिजली की आपूर्ति किए जाने के लिए बुधवार को उ.प्र. विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर की गई। तर्क दिया गया है कि किसानों को इस समय धान की रोपाई के लिए पानी की बहुत जरूरत है। महज 10 घंटे की बिजली आपूर्ति से किसानों को राहत नहीं मिल पा रही है। यह याचिका उ.प्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने दायर की है।
13.65 लाख किसानों के पास है नलकूप कनेक्शन
इस जनहित याचिका में उन्होंने लिखा है कि प्रदेश में करीब 1365362 किसानों ने निजी नलकूप कनेक्शन ले रखा है। बारिश कम होने के नाते किसानों को धान की खेती के लिए बिजली के सहारे पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। वर्तमान में धान की रोपाई के लिए बहुत अधिक पानी की जरूरत है। कृषि फीडर पर महज 10 घंटे बिजली आपूर्ति से किसानों की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। किसानों के खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिला तो धान की पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसान आर्थिक दिक्कतों में भी आएंगे। यह मुद्दा बहुत ही संवेदनशील है।
नियामक आयोग से अपील की है कि किसानों की दिक्कतें देखते हुए प्रतिदिन 16 घंटे विद्युत आपूर्ति कृषि फीडर पर की जाए। याचिका दायर करने के साथ ही उन्होंने नियामक आयोग के चेयरमैन आरपी सिंह से मुलाकात कर कृषि फीडर पर बिजली आपूर्ति के घंटे बढ़ाए जाने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की। अवधेश कुमार वर्मा ने इस मुद्दे पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। जिसमें उन्होंने जनहित प्रस्ताव सौंपते हुए कृषि फीडर पर बिजली की आपूर्ति बढ़ाने की मांग की।
अवधेश वर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने बकाये पर किसानों की विद्युत आपूर्ति न काटने का जो आदेश दिया है उससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। कृषि फीडर पर बिजली आपूर्ति बढ़ाकर किसानों की दिक्कतों और कम किए जाने की मांग की है।
