लखनऊ (मानवीय सोच) देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की गहरी साजिश रची थी। पीएफआई के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं हिट स्कवायड के सरगना केरल निवासी कमाल केपी ने अपनी प्रिटिंग कंपनी खोली थी।
ये कंपनी सीएए-एनआरसी, महाराष्ट्र के गोरेगांव में हुई हिंसा, हरियाणा में दलितों का उत्पीड़न और यूपी के हाथरस कांड के बाद जातीय हिंसा को भड़काने के लिए पर्चें, पम्फलेट और पोस्टर छाप रही थी। इसका खुलासा एसटीएफ की गिरफ्त में आए कमाल केपी ने दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान किया है।
सूत्रों के मुताबिक कमाल केपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि अलग-अलग राज्यों के विवादित मुद्दों को हवा देकर दंगे भड़काने के लिए पर्चें, पोस्टर आदि की जरूरत पड़ती थी। पुलिस की सख्ती की वजह से कोई भी प्रिंटिंग प्रेस पीएफआई के इस पर्चों को नहीं छापता था। दरअसल, पर्चें में प्रिंटिंग प्रेस का नाम और मोबाइल नंबर देने की अनिवार्यता से उनके फंसने का डर रहता था।
