लखनऊ : (मानवीय सोच) सरकारी संस्थानों में पीजी कोर्स करने वाले डॉक्टर अब जिला अस्पतालों में अपनी सेवाएं देंगे। इन डॉक्टरों को मरीजों के बेसिक इलाज से जुड़ी बारिकियां सिखाई जाएंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग जरिए पीजी करने वाले डॉक्टरों को अस्पतालों में प्रशिक्षण लेना अनिवार्य किया गया है। सभी अस्पतालों में पीजी करने वाले डॉक्टरों के बैच ने ज्वांइन करना शुरू कर दिया है। इससे मरीजों को सुपर स्पेशिलियटी इलाज की सुविधा मिलेगी।
केजीएमयू, लोहिया-पीजीआई जैसे सरीखे संस्थान में पीजी कोर्स करने वाले डॉक्टरों को अब तीन माह सरकारी अस्पताल में सेवा देना होगा। डिस्टिक रेजीडेंसी प्रोग्राम के तहत डॉक्टर अस्पतालों में आएंगे। यहां पर मरीजों के इलाज संग अन्य सेवाओं को परखेंगे। बलरामपुर- सिविल व लोकबंधु, रामसागर मिश्रा, बीकेटी साढ़ामऊ समेत दूसरे अस्पतालों में बैच आना शुरू हो गया है।
अस्पताल प्रभारियों का कहना है एमडी-एमएस करने वाले डॉक्टर अस्पताल में ज्वांइन करना शुरू किया है। इन डॉक्टरों की सेवाएं ओपीडी, इमरजेंसी समेत अन्य जगह पर ली जाएंगी। महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ. दीपा त्यागी ने बताया पीजी करने वाले डॉक्टरों को तीन माह अस्पताल में प्रशिक्षण लेना अनिवार्य किया गया है।
