आगरा (मानवीय सोच) साल 2022 की विदाई में में अब सिर्फ कुछ ही दिन शेष रह गए है. 2022 के साल को अगर क्राइम की दृष्टि से देखा जाए तो इस साल अपराधियों की कमर तोड़ने का काम योगी सरकार ने किया। अपराधी या तो अपराध करने से डर रहा है, या फिर इस सरकार में अपराधियों को जेल भेजा जा रहा है. तो वहीं कुछ अपराधियों का एनकाउंटर भी हुआ. ऐसे में यह साल अपराधियों के दिलो में डर पैदा करके जा रहा है. हालांकि योगी सरकार का भी मकसद अपराध को जड़ से खत्म करना है, जो कि कुछ हद तो सफल होता हुआ भी दिखाई दे रहा है.
बात मोहब्बत की नगरी आगरा की कर लेते हैं. कुछ दिन पहले ही आगरा में पुलिस कमीशनेरेट सिस्टम लागू किया गया है, जिससे की शहर में कानून वयवस्था को और मजबूत बनाया जा सके. साल 2022 में आगरा पुलिस ने कई छोटे और बड़े बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया. चाहे वह हत्या का मामला हो या फिर चौथ वसूली का. योगी सरकार में आगरा पुलिस ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम भी किया. आगरा शहर में लगभग 39 गैंगस्टर है. इस पूरे साल में सभी गैंगस्टरों पर पुलिस के द्वारा ताबड़तोड़ कार्यवाई की गई और 13 कुर्की की कार्रवाई शहर में हुई. जिसमें से अभी तक 37.80 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई.
इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई तेल माफिया, सट्टा माफिया, भू माफिया सहित अन्य बदमाशों पर पुलिस के द्वारा की गई है. जिसमें मुख्य रूप से नरेंद्र उर्फ लाला, अंकुश मंगल, आरिफ, गुड्डू, देवव्रत, हर्ष चौहान, राहुल, शनि अहमद, शारिक और शरीफ पहलवान यह वह अपराधी है, जिनकी कमर तोड़ने का काम योगी सरकार में किया गया. इनके तेल माफिया, सट्टा माफिया, भू माफिया, डकैती, हत्या, चोरी के मुलजिम भी शामिल है.
2023 में भी जारी रहेगी कार्रवाई
हालांकि इस पूरे मामले में डीसीपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि आगरा पुलिस कोई भी गैर कानूनी काम बर्दाश्त नहीं करेगी. जिस तरह से साल 2022 के अपराधियो के विरुद्ध कार्यवाई हुई है, उसी तरह 2023 में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी. तो साफ कहा जा सकता है कि सरकार के द्वारा बार-बार कहा जा रहा है कि अपराधी या तो सुधर जाएं या फिर जेल जाने को तैयार रहे.
