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टीपू सुल्तान पर कर्नाटक में सियासत गर्मायी

कर्नाटक   (मानवीय सोच)  अगले साल विधानसभा चुनाव हैं और भाजपा फिर से यहां सत्ता रिपीट की कोशिश करने के इरादे से उतरेगी। फिलहाल कल हिमाचल में और एक दिसंबर को गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन दिनों छोटे-बड़े घटनाक्रम बड़ा राजनीतिक बवंडर ला रहे हैं। ऐसा ही कुछ एआईएमआईएम चीफ ओवैसी के एक कदम से हुआ। जिस पर अब भाजपा ने हिन्दू कार्ड खेला है। असदुद्दीन ओवैसी के कर्नाटक के हुबली में ईदगाह मैदान में विवादास्पद टीपू जयंती मनाने के एक दिन बाद भाजपा ने तीखा हमला बोला है। कहा कि टीपू सुल्तान कोई स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे कि उनकी जयंती मनाई जाए लेकिन ओवैसी से और कुछ भी उम्मीद नहीं की जा सकती है, जिनके राजनीतिक पूर्वज ही रजाकार थे। जिन्होंने हैदराबाद में हिन्दुओं का नरसंहार किया था।

टीपू जयंती मनाने की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने तब की थी जब कांग्रेस सत्ता में थी। तारीख 10 नवंबर तय की गई थी। हालांकि टीपू सुल्तान की जयंती 1 दिसंबर को है। भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद उसने टीपू जयंती समारोह रद्द कर दिया। हालांकि, ईदगाह मैदान में एआईएमआईएम को जश्न के लिए नागरिक निकाय ने मंजूरी दी।

अब इस विवाद को हवा देते हुए भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने शुक्रवार को कहा कि टीपू सुल्तान एक बर्बर शासक था जिसकी विरासत एक धब्बा है। भाजपा नेता ने कहा कि टीपू जयंती मनाना मुसलमानों सहित सभी भारतीयों की संवेदनाओं का अपमान है। ट्वीट किया, “टीपू एक बर्बर था, जिसने कुर्ग में कोडवाओं, मैंगलोर में सीरियाई ईसाइयों, कैथोलिकों, कोंकणी, मालाबार के नायरों, मंडियन अयंगरों को दिवाली पर सैकड़ों की संख्या में फांसी दी गई थी। इस कारण उनके वंशज आज तक इस त्योहार को नहीं मनाते। उसने असंख्य मंदिरों और चर्चों को तोड़ दिया, लोगों को जबरन इस्लाम में परिवर्तित कर दिया। उनकी तलवार में काफिरों के खिलाफ जिहाद शुरू करने का शिलालेख आज भी उपस्थित हैं।” 

भाजपा नेता ने सिलसिलेवार ट्वीट किया, “वह कोई स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे। वह फ्रांसीसी की मदद ले रहे थे, जो अंग्रेजों से कम औपनिवेशिक नहीं थे। अगर टीपू जीते तो मैसूर पुडुचेरी की तरह एक फ्रांसीसी उपनिवेश बन जाता। उसने अफगानिस्तान से जमान शाह को भारत पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित किया और भारत पर आक्रमण करने और अंग्रेजों के खिलाफ फ्रांसीसी जीत सुनिश्चित करने के लिए नेपोलियन को एक इस्लामिक खिलाफत की स्थापना की। स्वतंत्रता सेनानी के ये लक्षण कैसे हैं?” 

काबिलेगौर है कि बेंगलुरु के गुड्डाधल्ली में टीपू जयंती समारोह में कई कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया। खबरों के मुताबिक चामराजपेट से कांग्रेस विधायक जमीर अहमद खान ने तलवार लेकर मीडिया को संबोधित किया था।

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