लखनऊ (मानवीय सोच) नगर निकायों की आय बढ़ाने की कवायद स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही से परवान नहीं चढ़ पा रही है। ऐसे 154 नगर निकायों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2021-22 के निर्धारित लक्ष्य के 80 फीसदी से कम राजस्व वसूली की है। इससे इन निकायों में विकास कार्य प्रभावित होने के साथ ही कर्मचारियों को वेतन देने में परेशानी हो रही है। अब सरकार ऐसे सुस्त अधिशासी अधिकारियों (ईओ) पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
दरअसल, निकायों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन स्थिति जस की तस है। कई निकाय तो ऐसे हैं, जो कर्मचारियों को वेतन देने भर भी राजस्व की वसूली नहीं कर पा रहे हैं। कुछ नगर निगमों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर की स्थिति भी अच्छी नहीं है।
स्थिति यह है कि कई निकाय नए स्रोत तलाशना तो दूर मौजूदा कर की भी वसूली नहीं कर रहे हैं। नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को वित्तीय वर्ष 2021-22 में कर एवं करेतर राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य दिया था, लेकिन 154 निकाय कर वसूली करने में काफी पीछे रहे। इनमें ज्यादातर नगर पंचायत व नगर पालिका परिषद शामिल हैं। इस आधार पर कम वसूली करने वाले निकायों के ईओ और राजस्व वसूली से संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
