लखनऊ (मानवीय सोच) नए बिजली कनेक्शन की दरों में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव पर नियामक आयोग की बैठक में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान प्रस्ताव में कई तरह की खामियां पाई गईं। इस पर आयोग ने प्रस्ताव में संशोधन का निर्देश दिया। फिलहाल अभी पुरानी दरों पर ही उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन दिया जाएगा। यानी पुरानी कॉस्ट डाटाबुक आगे भी लागू रहेगी।
बिजली कंपनियों की ओर से नए कनेक्शन की दरों में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव दिया गया था। इस प्रस्ताव को लेकर बुधवार को विद्युत नियामक आयोग ने सप्लाई कोड रिव्यू पैनल सब कमेटी की बैठक बुलाई। आयोग के चेयरमैन आरपी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रबंध निदेशकों की मौजूदगी में नई दरों में बढ़ोत्तरी जरूरी बताते हुए प्रस्ताव रखा। आयोग की ओर से कॉस्ट डाटा बुक प्रस्तुतीकरण के दौरान बिंदुवार चर्चा शुरू हुई।
प्रस्ताव में दिए गए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा के दौरान उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए विभिन्न प्रदेशों में जारी की गई दरों का हवाला दिया गया। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। विरोध बढ़ता देख पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक ने कहा कि उनके प्रस्ताव में कुछ खामियां रह गई हैं। इसे सुधारा जाएगा। तब जाकर मामला शांत हुआ।
आयोग चेयरमैन आरपी सिंह ने प्रस्ताव संशोधन पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि आम जनता व घरेलू छोटे विद्युत उपभोक्ताओं की दरें सकारात्मक होनी चाहिए। उन्होंने उपभोक्ता परिषद के तर्क को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन सुझावों पर भी विचार किया जाए। आयोग ने निर्देश दिया कि कॉरपोरेशन संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत करे। इसके बाद दोबारा सप्लाई कोड रिव्यू पैनल की बैठक बुलाई जाएगी।
