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स्‍वतंत्रता दिवस के भाषण में परिवारवाद का जिक्र कर पीएम ने अपने ही मंत्रियों, उनके पुत्रों पर किया ‘वार’

नई दिल्‍ली : (मानवीय सोच)  कांग्रेस ने लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  द्वारा भ्रष्टाचार और परिवारवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का आह्वान किए जाने के बाद सोमवार को उन पर निशाना साधा और दावा किया कि मोदी ने अपने ही मंत्रियों और उनके पुत्रों पर हमला किया जो स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शोभा नहीं देता. पार्टी के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री से लोग आज आठ साल का रिपोर्ट कार्ड दिए जाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उनके संबोधन से निराशा ही हाथ लगी.खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज का दिन यह नहीं है कि राजनीतिक बातें की जाएं. लेकिन कुछ परंपराएं बदली जा रही हैं और यह करने वाले प्रधानमंत्री स्वयं हैं. पिछले आठ वर्षों से प्रधानमंत्री अपने ही शब्दों के शिकार होते चले जा रहे हैं और वह बहुत थके हुए दिखाई दे रहे थे.”उन्होंने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री की बातें और शब्द थके हुए थे. कोई भाव नहीं है, कोई दिल में जज्बा और जुनून नहीं है क्योंकि उन्होंने जो वादे किए थे वो उन्हें खुद सताते होंगे.”

खेड़ा ने सवाल किया, ‘‘कहां गया किसानों की आय दोगुनी करने का वादा? कहां गया सबको घर देने का वादा? कहां गया कालाधन वापस लाने का वादा ? रोजगार और 15 लाख रुपये देने के वादे का क्या हुआ?उन्होंने दावा किया कि ये तमाम वादे प्रधानमंत्री को न ठीक से बोलने देते हैं और न ही सोने देते हैं. खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री भाजपा की आंतरिक समस्या की बात कर रहे थे. एक व्यक्ति ने शायद लॉड्र्स में शतक लगाया होगा, इसलिए वह क्रिकेट में बड़े पद पर पहुंच गए. एक व्यक्ति का बेटा बहुत बड़े थिंकटैंक में है. अब प्रधानमंत्री का हमला क्या अपने ही मंत्रियों पर और अपने ही मंत्रियों के पुत्रों पर है…., यह मोदी जी खुद बताएंगे.”

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री ने अपने ही मंत्रियों पर हमला किया है. उन्होंने शायद गृह मंत्री के पुत्र पर हमला किया, रक्षा मंत्री के पुत्र पर हमला किया या किसी और पर हमला किया. स्वतंत्रता दिवस पर यह शोभा नहीं देता.”खेड़ा के अनुसार, ‘‘देश उम्मीद कर रहा था कि प्रधानमंत्री अपना रिपोर्ट कार्ड देंगे और आठ साल का हिसाब-किताब देंगे. प्रधानमंत्री ने आज पूरे देश और अपने समर्थकों को भी निराश किया है.”उन्होंने कहा, ‘‘अतीत में लाल किले की प्राचीर से ऐतिहासिक भाषण दिए गए हैं. वहां से निकले एक-एक शब्द ने देश की तकदीर लिखी. उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री परिपक्व भाषण देंगे. लेकिन अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि उन्होंने आज के दिन भी ऐसी बात की है.”

खेड़ा ने कहा, ‘‘आप महात्मा गांधी, पटेल, नेहरू और मौलाना आजाद का कद तो नहीं घटा पाएंगे…सबको पता है कि किसने आजादी के लिए संघर्ष किया, कौन जेल गया और किसने माफी मांगी और अंग्रेजों से पेंशन ली.”गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि आज जब देश ‘‘अमृत काल” में प्रवेश कर रहा है तो भ्रष्टाचार और परिवारवाद के खिलाफ लड़ाई को निर्णायक मोड़ पर ले जाना उनकी संवैधानिक और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है.उन्होंने कहा कि जब तक भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी के प्रति नफरत का भाव पैदा नहीं होता, सामाजिक रूप से उसे नीचा देखने के लिए मजबूर नहीं किया जाता, तब तक यह मानसिकता खत्म नहीं होने वाली है.

 

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