7 साल बाद टूटा बैडमिंटन की स्टार जोड़ी का साथ, साइना नेहवाल और पारूपल्ली कश्यप हुए अलग
भारतीय बैडमिंटन की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक साइना नेहवाल और पारूपल्ली कश्यप ने सात साल के वैवाहिक जीवन के बाद अलग होने का फैसला किया है। इस बात की जानकारी खुद साइना नेहवाल ने रविवार देर रात अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से दी।
साइना ने अपने संदेश में लिखा:

कभी-कभी ज़िंदगी हमें अलग रास्तों पर ले जाती है। हम दोनों ने शांति, आत्मविकास और मानसिक उपचार को प्राथमिकता देते हुए अलग होने का फैसला किया है। हम एक-दूसरे के लिए आभार और सम्मान के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कृपया हमारी निजता का सम्मान करें।
हालांकि पारूपल्ली कश्यप की ओर से अभी कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
? साथ की कहानी: दोस्ती से शादी तक
साइना और पारूपल्ली की मुलाकात बचपन में बैडमिंटन ट्रेनिंग में हुई थी। दोनों ने हैदराबाद की पुलेला गोपीचंद अकादमी में सालों तक साथ प्रैक्टिस की और एक-दूसरे का सहारा बने रहे।

14 दिसंबर 2018 को उन्होंने शादी की थी।
? बैडमिंटन करियर में चमक
साइना नेहवाल भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक (2012 लंदन) में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 2015 में विश्व रैंकिंग में नंबर 1 का स्थान भी हासिल किया।
पारूपल्ली कश्यप ने 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था और 2012 ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुँचे थे।
? हाल के वर्षों में चुनौतियाँ
साइना पिछले दो वर्षों से घुटने की गंभीर चोट (अर्थराइटिस) से जूझ रही हैं और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से दूर हैं। उन्होंने 2023 में आखिरी बार सिंगापुर ओपन में हिस्सा लिया था और संकेत दिया था कि वह जल्द ही रिटायरमेंट का ऐलान कर सकती हैं।
? खेल-जगत की प्रतिक्रियाएँ
दोनों खिलाड़ियों के अलग होने की खबर पर खेल-जगत से भावनात्मक प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। फैंस और साथी खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर उन्हें “शक्ति, साहस और सकारात्मक भविष्य” की शुभकामनाएं दी हैं।
? निष्कर्ष
भारत के बैडमिंटन इतिहास में साइना और कश्यप की साझेदारी सिर्फ कोर्ट तक सीमित नहीं थी, बल्कि प्रेरणा का प्रतीक भी थी। अब जबकि उन्होंने अपने व्यक्तिगत रास्ते अलग करने का फैसला किया है, देश उनके निर्णय का सम्मान करता है और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता है।

