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मेरी वफादारी व्यक्ति से नहीं, संविधान से है: शशि थरूर

राष्ट्र सर्वोपरि है, पार्टियां देश को बेहतर बनाने का जरिया – शशि थरूर

कांग्रेस नेता ने वफादारी और विचारधारा पर दिया दो टूक जवाब

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद डॉ. शशि थरूर ने शनिवार को एक कार्यक्रम में देशभक्ति, विचारधारा और राजनीतिक निष्ठा को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि “राष्ट्र सर्वोपरि है और राजनीतिक पार्टियां केवल देश को बेहतर बनाने का माध्यम हैं।

थरूर ने कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों का उद्देश्य एक ही होना चाहिएएक बेहतर भारत का निर्माण। उन्होंने यह भी जोड़ा कि : “पार्टियों को इस बात पर असहमति हो सकती है कि उस लक्ष्य को हासिल करने का सर्वोत्तम तरीका क्या है, लेकिन सभी को राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानना चाहिए।”

 

कांग्रेस से निष्ठा पर जवाब

जब उनसे कांग्रेस पार्टी के प्रति वफादारी पर सवाल पूछा गया तो शशि थरूर ने बिना लाग-लपेट के कहा :“मेरी निष्ठा किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और उस विचारधारा से है जो कांग्रेस ने वर्षों से अपनाई है।”

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक बहस जरूरी है, लेकिन वह व्यक्तिगत हमले या राष्ट्रविरोधी एजेंडे में नहीं बदलनी चाहिए।

प्रमुख बातें:

शशि थरूर ने कहा कि राष्ट्र सबसे ऊपर है।

राजनीतिक दलों को देश को बेहतर बनाने का माध्यम बताया।

कांग्रेस से निष्ठा को विचारधारा और संविधान से जोड़ा।

लोकतंत्र में मतभेद को स्वीकार्य लेकिन राष्ट्रहित से ऊपर नहीं बताया।

थरूर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश की राजनीति में नेताओं की वफादारी और विचारधारा को लेकर बहस तेज़ है।

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